Markesh: ज्योतिष शास्त्र में "मारकेश" एक महत्वपूर्ण ग्रह स्थिति होती है, जो जातक की आयु, स्वास्थ्य और जीवन की अनिश्चितताओं से जुड़ी होती है. कई लोग इसे घातक मानते हैं, लेकिन क्या वास्तव में मारकेश का प्रभाव इतना गंभीर होता है? 


मारकेश का अर्थ और परिभाषा


संस्कृत में "मारकेश" का अर्थ होता है "मृत्युकारक ग्रह". जन्म कुंडली में द्वितीय और सप्तम भाव के स्वामी को मुख्य रूप से मारकेश माना जाता है. इसके अलावा, यदि कोई क्रूर ग्रह (मंगल, शनि, राहु, केतु) इन भावों में स्थित हो या इनके स्वामी से दृष्टि संबंध बनाए, तो वे भी मारकेश का कार्य कर सकते हैं.


मारकेश को लेकर ज्योतिषीय प्रमाणिक ग्रंथों में क्या लिखा है-


बृहत् पाराशर होरा शास्त्र में उल्लेख


द्वितीयसप्तमस्थानस्था ग्रहाः पापसंयुताः.
मारकाः परिकीर्त्यन्ते जीवधातु विनाशकाः॥


अर्थ: द्वितीय और सप्तम भाव में स्थित ग्रह, विशेषकर यदि वे पाप ग्रह हों, तो वे मारकेश कहलाते हैं और जातक के स्वास्थ्य व जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं.


फलदीपिका में मारकेश 


द्वितीयसप्तमेशश्च यदा दुष्टग्रहैर्युतः.
प्रयाणं कुरुते शीघ्रं कालसन्धिषु निश्चितम्॥


अर्थ: यदि द्वितीय और सप्तम भाव के स्वामी अशुभ ग्रहों से युक्त हों, तो जातक की आयु पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.


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मारकेश ग्रह की पहचान कैसे करें?



  • द्वितीय और सप्तम भाव के स्वामी का कमजोर या पीड़ित होना

  • शनि देव, मंगल या राहु-केतु की अशुभ दृष्टि से प्रभावित होना

  • सप्तम भाव में पाप ग्रहों की स्थिति

  • मंगल या शनि का नीच राशि में होना



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मारकेश का निर्धारण कैसे करें?


किसी भी जातक की कुंडली में मारकेश का निर्धारण निम्नलिखित आधार पर किया जाता है:



  • द्वितीय और सप्तम भाव के स्वामी - ये दोनों भाव मरण कारक भाव माने जाते हैं. यदि इनके स्वामी पाप ग्रहों से पीड़ित हों, तो जातक के लिए कष्टदायक होते हैं.

  • अष्टमेश और लग्नेश का संबंध - यदि अष्टम भाव का स्वामी और लग्नेश के बीच संबंध हो, तो भी यह मारकेश का कार्य कर सकता है.

  • शनि, मंगल, राहु और केतु का प्रभाव - यदि ये ग्रह द्वितीय या सप्तम भाव में स्थित हों या इन भावों के स्वामी पर दृष्टि डालें, तो वे मारकेश बन सकते हैं.


गोचर का प्रभाव - यदि मारकेश ग्रह की महादशा/अंतरदशा में अशुभ गोचर घटित हो, तो वह जातक के जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है.


लग्न में मारकेश ग्रह (Marakesh Planet)



  1. मेष (Aries)- शुक्र और बुध

  2. वृषभ (Taurus)- बृहस्पति और मंगल

  3. मिथुन (Gemini)- बृहस्पति और चंद्रमा

  4. कर्क (Cancer)- शनि और सूर्य

  5. सिंह (Leo)- शुक्र और बुध

  6. कन्या (Virgo)- मंगल और शुक्र

  7. तुला (Libra)- मंगल (2nd और 7th भाव का स्वामी)

  8. वृश्चिक (Scorpio)- शुक्र और बुध

  9. धनु (Sagittarius)- बुध और शनि

  10. मकर (Capricorn)- चंद्रमा और मंगल

  11. कुंभ (Aquarius)- सूर्य और बृहस्पति

  12. मीन (Pisces)- बुध और मंगल


मारकेश का प्रभाव- कुंडली में ग्रहों की स्थिति पर मारकेश की अवस्था निर्भर करती है, ये शुभ और अशुभ दोनों तरह के फल प्रदान करती है-


सकारात्मक प्रभाव:


हर स्थिति में मारकेश अशुभ नहीं होता. यदि कुंडली में शुभ ग्रहों का प्रभाव अधिक हो, तो मारकेश परिवर्तनकारी भूमिका भी निभा सकता है. यह पुराने कष्टों को समाप्त कर नए अवसर प्रदान कर सकता है.


नकारात्मक प्रभाव:



  • लंबे समय तक चलने वाली बीमारियां हो सकती हैं.

  • आर्थिक समस्याएं और पारिवारिक कलह बढ़ सकती हैं.

  • मानसिक तनाव और अनिश्चितता बनी रह सकती है.


मारकेश पर सबसे अधिक पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs):


1. मारकेश ग्रह कौन से होते हैं?


उत्तर: ज्योतिष में द्वितीय और सप्तम भाव के स्वामी को मारकेश ग्रह कहा जाता है।


2. मारकेश दोष को कैसे ठीक किया जा सकता है?


उत्तर: मारकेश दोष को दूर करने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप, हवन और आयुर्वेदिक उपाय अपनाने चाहिए।


3. मारकेश ग्रह किस प्रकार से व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है?


उत्तर: यह ग्रह गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ, वित्तीय संकट और अचानक दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।


मारकेश से बचाव के उपाय



  • महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें.

  • हर शनिवार को शनि देव को तेल चढ़ाएं.

  • द्वितीय और सप्तम भाव के स्वामी से संबंधित ग्रहों की शांति के लिए विशेष अनुष्ठान करें.

  • ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को भोजन कराएं.


ज्योतिष के विद्वानों की मानें तो मारकेश को केवल भय का कारण नहीं मानना चाहिए. यदि कुंडली में सही संतुलन हो और उचित उपाय किए जाएं, तो इसका प्रभाव कम हो सकता है. ज्योतिष शास्त्र केवल भविष्यवाणी का साधन नहीं है, बल्कि जीवन को समझने और सुधारने का मार्ग भी प्रदान करता है. अपने कर्म और अध्यात्म से व्यक्ति इस स्थिति में भी श्रेष्ठ फल प्राप्त कर सकता है.


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