Blood Pressure and Urine : लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से ब्लड प्रेशर की समस्या तेजी से बढ़ रही है. जून 2023 में आई ICMR-इंडिया डायबिटीज की स्टडी में बताया गया कि भारत में 3.15 करोड़ लोग हाई ब्लड प्रेशर के मरीज थे. ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) आमतौर पर Sphygmomanometer से मापा जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पेशाब (Urine) के जरिए भी ब्लड प्रेशर के संकेत मिल सकते हैं? शोध बताते हैं कि यूरिन टेस्ट से हाई या लो ब्लड प्रेशर की पहचान की जा सकती है. यूरिन में मौजूद कुछ तत्व बता सकते हैं कि बीपी नॉर्मल है या नहीं.




हाई ब्लड प्रेशर और यूरिन का कनेक्शन




हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) का सीधा संबंध किडनी (Kidney) से होता है. जब ब्लड प्रेशर ज्यादा होता है, तो किडनी पर ज्यादा दबाव पड़ता है और यह शरीर से सोडियम-प्रोटीन को सही तरीके से फिल्टर नहीं कर पाती. इससे पेशाब में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं.




यूरिन से हाई बीपी के संकेत




1. अगर यूरिन टेस्ट में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा पाई जाए, तो यह हाई ब्लड प्रेशर का संकेत हो सकता है.




2. हाई बीपी से किडनी प्रभावित होती है, जिससे पेशाब झागदार और गहरे रंग का हो सकता है.




3. हाई ब्लड प्रेशर से किडनी ज्यादा यूरिन बना सकती है, जिससे बार-बार पेशाब लग सकती है.




यूरिन से लो ब्लड प्रेशर के संकेत




1. अगर किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर नॉर्मल से कम (Hypotension) रहता है, तो यह किडनी के खून को फिल्टर करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है.




2. जब ब्लड प्रेशर बहुत कम होता है, तो किडनी सही मात्रा में यूरिन नहीं बना पाती, जिससे पेशाब कम हो जाता है.




3. डिहाइड्रेशन और कम ब्लड सर्कुलेशन की वजह से यूरिन का रंग सामान्य से गहरा हो सकता है.




4. लो ब्लड प्रेशर से किडनी को टॉक्सिन्स निकालने में समस्या होती है, जिससे पेशाब से तेज बदबू आ सकती है.




ब्लड प्रेशर पता करने के लिए यूरिन टेस्ट कैसे काम करता है




हाई बीपी में यूरिन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ सकती है.




किडनी की कार्यक्षमता का पता लगाने के लिए क्रिएटिनिन (Creatinine) का लेवल मापा जाता है.




हाई बीपी में यूरिन के जरिए ज्यााद सोडियम निकल सकता है.




लो बीपी की स्थिति में यूरिन में पोटैशियम की मात्रा प्रभावित हो सकती है.




ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए टिप्स




नमक और प्रोसेस्ड फूड कम खाएं, हरी सब्जयां और फाइबर वाले फूड्स खाएं.




डिहाइड्रेशन से बचने के लिए दिनभर में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं.




रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या योग करें.




मेडिटेशन और गहरी सांस लेने की तकनीक अपनाएं.




हाई या लो ब्लड प्रेशर की समस्या में समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप करवाएं.


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