ईरान में महंगाई के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की सत्ता को चुनौती दे रहा है. यह आंदोलन हर रोज हिंसक रूप लेता जा रहा है, जो देश के 31 प्रांतों के 111 शहरों और कस्बों में फैल गया है. मानवाधिकार कार्यकर्ता के मुताबिक इस विरोध प्रदर्शन में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 62 हो गई और करीब 2,300 गिरफ्तारियां हुई हैं. अपने खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के बाद देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सामने आए और प्रदर्शनकारियों की आलोचना की.


खामेनेई ने पीछे न हटने की कसम खाई


खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों पर आरोप लगाया कि वे दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी ही सड़कों को बर्बाद कर रहे हैं. रॉयटर्स के मुताबिक शुक्रवार को अधिकारियों ने अशांति को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं, जबकि वीडियो में कई शहरों की सड़कों पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों में इमारतों और गाड़ियों में आग लगी हुई दिख रही थी. टेलीविजन संबोधन में, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने पीछे न हटने की कसम खाई, और प्रदर्शनकारियों पर प्रवासी विपक्षी गुट और यूनाइटेड स्टेट्स की तरफ से काम करने का आरोप लगाया.


ईरान की सड़कों पर लगे आजादी-आजादी के नारे


ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने गुरुवार (8 जनवरी 2026) और शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे प्रदर्शन का आह्वान किया था. 8 जनवरी की रात ईरान में विरोध प्रदर्शन ने रफ्तार पकड़ी, जिसके चलते राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के नेतृत्व वाली ईरान सरकार ने देश में इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन कॉल सेवाएं बंद कर दी थीं. देश की न्यायपालिका और सुरक्षा बलों के प्रमुख ने लोगों के आजादी-आजादी के नारों के बीच कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी. कुछ मानवाधिकार समूहों ने दक्षिण में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की फायरिंग की रिपोर्ट की.


ट्रंप का भी होगा पतन: खामेनेई 


ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने ने देश के नाम अपने संबोधन में कहा कि ट्रंप का भी पतन होगा. उन्होंने कहा, ट्रंप को ये बात ध्यान में रखनी चाहिए कि फिरौन, निमरूद, रजा शाह और मोहम्मद रजा तानाशाह जैसे तानाशाह अपने घमंड के चरम पर गिराए गए. उनका (ट्रंप) भी पतन होगा.' उन्होंने कहा, 'सभी को ये समझाना चाहिए कि लाखों कुर्बानियों के बाद हम सत्ता में आए. हम भाड़े के लोगों के सामने नहीं झुकेंगे.'


रजा पहलवी ने ईरान से मांगी मदद


रजा पहलवी ने ईरान में प्रदर्शन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मदद मांगी की है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने कहा, 'लाखों बहादुर ईरानियों को सड़कों पर गोलियों का सामना करते देखा. आज वे न केवल गोलियों का सामना कर रहे हैं, बल्कि संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप है. इंटरनेट नहीं, लैंडलाइन नहीं. राष्ट्रपति महोदय कृपया ईरान के लोगों की मदद के लिए हस्तक्षेप करने को तैयार रहें.'


'सड़कों पर उतरे लोगों के साथ क्रूरता कर रहे खामेनेई'


रजा पहलवी ने कहा, 'अली खामेनेई को जनता के हाथों अपने आपराधिक शासन के अंत का डर सता रहा है और इसलिए वह सड़कों पर उतरे लोगों के साथ क्रूरता कर रहा है. वह इस संचार व्यवस्था का उपयोग इन युवा नायकों की हत्या करने के लिए करना चाहता है. मैंने लोगों से अपनी स्वतंत्रता के लिए लड़ने और सुरक्षा बलों को भारी संख्या में घेरकर उन्हें पछाड़ देने के लिए सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है. कल रात उन्होंने ऐसा ही किया. इस आपराधिक शासन को दी गई आपकी धमकी ने शासन के गुंडों को भी रोके रखा है, लेकिन समय बहुत कम है. लोग एक घंटे में फिर से सड़कों पर उतरेंगे. मैं आपसे मदद की गुहार लगा रहा हूं.'