जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर गुरुवार को आर्मी-डे परेड 2026 का आयोजन हुआ. सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी की मौजूदगी में परेड की शुरुआत चेतक हेलीकॉप्टरों द्वारा तिरंगा और सेना ध्वज फहराने से हुई. आसमान से लेकर जमीन तक भारतीय सेना की ताकत, परंपरा और पराक्रम का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला.


परेड की शुरुआत दो चेतक हेलीकॉप्टरों द्वारा तिरंगा और सेना ध्वज फहराने से हुई. इसके बाद तीन ध्रुव हेलीकॉप्टरों ने गुलाब के पुष्पों की वर्षा की और पांच अपाचे हेलीकॉप्टरों ने फ्लाइंग पास्ट कर रोमांच बढ़ा दिया. मुख्य समारोह में वीरता और निस्वार्थ बलिदान के लिए चयनित सैनिकों को सम्मानित किया गया. यह सम्मान वीर माताओं और वीर नारियों ने ग्रहण किया.


अन्य राज्यों से आए बैंड ने भी दी प्रस्तुति


परेड का अगला हिस्सा परमवीर चक्र और महावीर चक्र विजेताओं की आर्मी केम की मार्च पास्ट से शुरू हुआ, जिसने पूरे मैदान में ऊर्जा भर दी. नेपाली आर्मी बैंड और बंगाल इंजीनियर ग्रुप रुड़की तथा 3 ईएमई सेंटर भोपाल के संयुक्त बैंड ने भी विशेष प्रस्तुतियां दीं. मराठा लाइट इंफैंट्री और सिख रेजिमेंट के संयुक्त बैंड ने भी मार्च पास्ट में ताल मेल दिखाया. 61वीं कैवेलरी के घुड़सवार लहरिया साफा पहनकर राजस्थानी और सैन्य परंपरा का अद्भुत संगम पेश करते नजर आए.






आधुनिक हथियारों का किया प्रदर्शन


अत्याधुनिक हथियारों का भव्य प्रदर्शन परेड का मुख्य आकर्षण रहा. इस दौरान, अर्जुन टैंक, के-9 वज्र, धनुष तोप, बीएमपी, सिलिका, 155 एमएम अमोघ, एचएमआरवी, टी-90, नामिस, अपग्रेडेड शिल्का, आरटीटीएच, एटीवी अजयकेतु, क्यूआरएफवी (मीडियम और हैवी), स्पाइक मिसाइल, हेलीना, इंफैंट्री मोर्चा सिस्टम और आरटीवी का प्रदर्शन परेड के दौरान किया गया. 


इनके अलावा जेड-यू 23, एस-70, यूएलएच M777, सूर्यास्त्र, सम्युक्ता, हिमशक्ति जैसे हथियारों ने सेना की मारक क्षमता का परिचय दिया. पिनाका लॉन्चर सिस्टम, भीम मिसाइल, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम और ब्रह्मोस मिसाइल का प्रदर्शन भारतीय सेना की स्वदेशी क्षमता का गर्व दिखाता नजर आया.


सीमा के मूक सैनिकों के रूप में जर्मन शेफर्ड, लेब्राडोर, बेल्जियन और स्वदेशी हाउंड नस्ल के डॉग स्क्वायड ने पेट्रोलिंग और डिटेक्शन में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया. 13 प्रकार के स्वदेशी ड्रोन, तीन प्रकार के जैमर, मोबाइल ड्रोन ऑपरेटर सिस्टम और सैटेलाइट कम्युनिकेशन वाली ओबी वैन भी परेड में शामिल रही.


कला और संस्कृति का भी दिखा नजारा


राजस्थान पर्यटन, कला और संस्कृति विभाग की झांकी ने राजस्थान की विरासत और पर्यटन की झलक सामने रखी. कालबेलिया कलाकारों की प्रस्तुति और केरल के चेंडा वारियर्स ने परेड में सांस्कृतिक विविधता का रंग भरा. एनएससी टॉरनेडो दल के साहसिक मोटरसाइकिल करतब और ध्रुव MK-3, रुद्र, प्रचंड और अपाचे हेलीकॉप्टरों के एयर शो ने आयोजन को और भी यादगार बना दिया. 


इस भव्य परेड को करीब डेढ़ लाख लोगों ने देखा. परेड को देखने वाले लोग भारतीय सेना की ताकत से खासे प्रभावित हुए. परेड के बाद आर्मी की जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मीडिया से बातचीत करते हुए भारतीय सेना की ताकत के बारे में विस्तार से बताया.