जस्टिस यशवंत वर्मा मामले को लेकर सभी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन सक्रिय हो गए हैं. गुरुवार (27 मार्च, 2025) को 6 बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चीफ जस्टिस संजीव खन्ना से मिलने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने भी उनकी चिंताओं को लेकर पूरी गंभीरता दिखाते हुए कॉलेजियम के साथी जजों के साथ उनसे मुलाकात की.
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे 6 बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के नाम हैं :-
- अनिल तिवारी (अध्यक्ष, इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन)
- रिपुदमन शाही (अध्यक्ष, अवध बार एसोसिएशन)
- प्रतिभान यादव (उपाध्यक्ष, अवध बाए एसोसिएशन)
- बृजेश त्रिवेदी ( गुजरात हाई कोर्ट बार एसोसिएशन)
- धन्य कुमार जैन (अध्यक्ष, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन)
- विवेक सुब्बा रेड्डी (अध्यक्ष, कर्नाटक हाई कोर्ट बार एसोसिएशन)
- यशवंत शेनॉय (अध्यक्ष, केरल हाई कोर्ट बार एसोसिएशन)
इन बार प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि उनकी मांगों को लेकर 18 हाईकोर्ट के बार एसोसिएशन समर्थन दे चुके हैं.
वकीलों की मुख्य मांगें :-
* जस्टिस यशवंत वर्मा का ट्रांसफर रोक दिया जाए.
* उनसे प्रशासनिक कार्य भी वापस ले लिए जाएं.
* जजों के खिलाफ जांच प्रक्रिया पर नए सिरे से विचार हो.
* जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में आपराधिक मुकदमा दर्ज हो.
सुप्रीम कोर्ट अचानक पहुंचे वकीलों ने पहले से चीफ जस्टिस संजीव खन्ना से मुलाकात का समय नहीं मांगा था. उन्होंने उनके निजी सचिव से चीफ जस्टिस से मिलने की मंशा जताई. चीफ जस्टिस ने इन वकीलों से न सिर्फ खुद मुलाकात की, बल्कि कॉलेजियम के अपने साथी जजों जस्टिस भूषण रामाकृष्ण गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस विक्रम नाथ को भी साथ रखा.
पांचों जजों से मुलाकात के बाद वकीलों के प्रतिनिधि संतुष्ट नजर आए. उन्होंने बताया कि चीफ जस्टिस ने उन्हें जस्टिस वर्मा के ट्रांसफर के पीछे के प्रशासनिक कारण बताए. चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने उनसे कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी जस्टिस यशवंत वर्मा न्यायिक कार्य नहीं कर सकेंगे. जांच कमेटी बहुत तेजी से काम कर रही है. उसकी रिपोर्ट आने के बाद जस्टिस वर्मा पर आपराधिक केस दर्ज करने पर भी विचार होगा.
जजों से हुई मुलाकात पर संतोष जताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल तिवारी ने कहा कि वह इन सभी बातों को अपनी आम सभा में रखेंगे. इसके बाद यह तय होगा कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की हड़ताल जारी रहे या स्थगित कर दी जाए.
