डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि वह भारत समेत कई देशों पर 2 अप्रैल से रेसिप्रोकल टैरिफ लागू करेगा. मार्केट खुलने से पहले ही ये खबर आ गई थी, लोगों को लगा कि शायद इसकी वजह से मार्केट पर बुरा असर होगा, हालांकि, ऐसा नहीं हुआ. बल्कि आज का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत भरा रहा. बुधवार को घरेलू शेयर बाजार ने लगातार गिरावट के बाद तेजी के साथ शुरुआत की. सुबह 11:50 बजे तक, सेंसेक्स 841.15 अंकों की बढ़त के साथ 73,831.08 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 286.75 अंकों की तेजी के साथ 22,369.40 पर कारोबार कर रहा था.


क्या हैं तेजी बड़ी वजहें?


IT शेयरों में जोरदार रिकवरी


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, आज IT कंपनियों के शेयरों ने बाजार को सपोर्ट दिया. Coforge के शेयर लगभग 10 फीसदी चढ़ गए, क्योंकि कंपनी ने Sabre Corp के साथ 13 साल का $1.56 बिलियन का डील साइन किया. इसके अलावा, Infosys और Persistent Systems के शेयर भी JPMorgan की 'हाई-कॉन्विक्शन आइडियाज़ लिस्ट' में शामिल होने के बाद ऊपर चले गए.
IT इंडेक्स ने 2 फीसदी की बढ़त दर्ज की, जो पिछले 10 सेशन में 8 फीसदी से ज्यादा गिरा था.


एशियाई बाजारों में सुधार दिखा


एशियाई बाजारों में भी तेजी देखी गई. अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी Gina Raimondo के बयान ने बाजारों को सपोर्ट दिया. उन्होंने कहा कि कनाडा और मैक्सिको पर लगे कुछ टैरिफ को वापस लिया जा सकता है. इससे एशिया के बाजारों में सकारात्मक माहौल बना. इंडोनेशिया मार्केट 3 फीसदी चढ़ा, जबकि मलेशियन रिंगिट और दक्षिण कोरियाई वॉन में भी मजबूती देखी गई.


सर्विस सेक्टर में भी तेजी दिखी


भारत के सर्विस सेक्टर ने फरवरी में अच्छी ग्रोथ दिखाई. HSBC के सर्विस PMI (Purchasing Managers' Index) में बढ़ोतरी हुई, जो जनवरी के 56.5 से बढ़कर 59.0 पर पहुंच गया. एक्सपोर्ट ऑर्डर्स में वृद्धि ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई.


क्या टैरिफ का असर बाजार पर पड़ेगा?


हां, बाजार में अभी भी टैरिफ को लेकर चिंता बनी हुई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि 2 अप्रैल से नए रेसिप्रोकल टैरिफ लागू होंगे. इससे वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मच सकती है और भारतीय बाजार भी इससे प्रभावित हो सकता है. कनाडा, चीन और मैक्सिको ने पहले ही अमेरिका के टैरिफ के जवाब में कदम उठाए हैं.


आज की तेजी से बाजार में थोड़ी राहत मिली है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अभी भी बाजार में अस्थिरता बनी हुई है. ट्रेड टेंशन और टैरिफ को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.


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