डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की टैरिफ नीतियों से पूरी दुनिया परेशान है. भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) को भी अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है. यही वजह है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मुस्लिम देशों के साथ मिलकर कई व्यापार डील करने में लगे हैं. हाल ही में उन्होंने बांग्लादेश से एक डील की, इसके बाद आज यानी बुधवार को उन्होंने उज्बेकिस्तान के साथ भी 2 बिलियन डॉलर की ट्रेड डील की है. चलिए, इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं.


उज्बेकिस्तान के साथ ट्रेड डील


पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के बीच ताशकंद में हुई मुलाकात के दौरान बुधवार को दोनों देशों ने अपने बाइलेटरल ट्रेड को 2 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने पर सहमति जताई. सबसे बड़ी बात कि इससे पहले पाकिस्तान ने अजरबैजान के साथ भी अपने ट्रेड डील को 2 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने पर सहमति जताई थी.


आपको बता दें, पाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को लेकर 2023 में 1 बिलियन डॉलर के ट्रेड डील पर हस्ताक्षर किए थे और अब इसे और बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है.


बांग्लादेश के साथ भी एक डील


हाल ही में पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच 1971 में अलगाव के बाद पहली बार डायरेक्ट ट्रेड शुरू हुआ. दरअसल, फरवरी के शुरू में हुए एक समझौते के तहत, बांग्लादेश ने पाकिस्तान से 50,000 टन चावल खरीदने पर सहमति जताई थी. यह चावल ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन ऑफ पाकिस्तान (TCP) के जरिए भेजा जाएगा. इसकी पहली खेप 25,000 टन चावल की है, जबकि बाकी 25,000 टन मार्च के शुरू में भेजा जाएगा.


आपको बता दें, यह पहली बार है जब पाकिस्तान नेशनल शिपिंग कॉर्पोरेशन (PNSC) का एक जहाज सरकारी माल लेकर बांग्लादेश के किसी बंदरगाह पर पहुंचेगा. 1971 में बांग्लादेश (तब पूर्वी पाकिस्तान) के अलग होने के बाद से यह पहली बार है जब दोनों देशों के बीच आधिकारिक व्यापार संबंध फिर से शुरू हुए हैं. इसके पीछे दो बड़ी वजहें बताई जा रही हैं. पहली वजह ये है कि मौजूदा बांग्लादेश सरकार, जिसके भारत के साथ उतने अच्छे रिश्ते नहीं हैं, पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध चाहती है. दूसरी वजह ये है कि ट्रंप की टैरिफ नीतियों की वजह से पूरी दुनिया में जो ट्रेड वॉर की स्थिति बन रही है, ऐसे में पाकिस्तान मुस्लिम देशों के साथ अच्छे व्यापारिक संबंध बनाकर रखना चाहता है ताकि भविष्य में उसे चुनौतियों का सामना ना करना पड़े.


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