Brazil On USA: अमेरिका अब देश से अप्रवासियों को वापस उनके देश भेजने का काम कर रहा है. इन देशों में ब्राजील के भी दर्जनों लोग शामिल हैं. ब्राजील के अप्रवासियों को वापस उनके देश एक विमान में भेजा गया, लेकिन हैरान करने वाली बात तो ये है कि जिस विमान में ब्राजील के यात्रियों को भेजा जा रहा था, उसमें उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक किया गया. न तो उनको विमान में पीने के लिए पानी मिला और न ही उनके लिए एसी चलाया गया. तमाम अप्रवासी विमान में चार घंटे तक सांस की समस्या से जूझते रहे. 


एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे ही अप्रवासी ब्राजील पहुंचे तो सब हैरान रह गए. देखा गया कि लोगों के हाथों में हथकड़ियां लगी हुई थी. इसी के चलते अब ब्राजील सरकार ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है. ब्राजील सरकार का कहना है कि वापसी के दौरान यात्रियों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है. यात्रियों के साथ अपमानजनक व्यवहार के लिए ब्राजील सरकार अब अमेरिकी सरकार से स्पष्टीकरण मांगेगी. 


88 ब्राजीलियाई लोग पहुंचे मनौस


डोनाल्ड ट्रंप ने शपथ ग्रहण के बाद अप्रवासियों को निर्वासित करने के आदेश दे दिए हैं, जिसके बाद से अमेरिका लगातार अप्रवासियों को निकाल रहा है. बीते शुक्रवार (24 जनवरी, 2025) की रात की फ्लाइट में 88 ब्राजीलियाई लोग सवार थे, जिनको उत्तरी मनौस शहर में उतारा गया. ब्राजील के न्याय मंत्रालय ने भी विमान के लैंड होने के बाद अमेरिकी अफसरों से तुरंत हथकड़ी हटाने का आदेश भी दिया था. 






लोगों ने बताई आपबीती


अप्रवासियों में शामिल 31 वर्षीय एडगर दा सिल्वा मौरा ने बताया कि वह एक कंप्यूटर टेक्नीशियन हैं. वह सात महीने हिरासत में रहे थे. भयावह अनुभव के बारे में बताते हुए वह बोले कि प्लेन में उनको पीने के लिए पानी भी नहीं दिया गया. लोगों के हाथ-पैर बांध दिए गए. यहां तक की लोगों को बाथरूम जाने भी नहीं दिया जा रहा था. एसी न चलने के कारण गर्मी बढ़ गई थी, जिससे कई लोग बेहोश भी हो गए थे.


‘अपराधियों जैसा बर्ताव किया गया’


एक 21 साल के शख्स लुइस एंटोनियो रोड्रिग्स सैंटोस ने बताया कि प्लेन में तकनीकी समस्या के कारण एसी नहीं चला और चार घंटे तक लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती रही. लुइस ने बताया कि अमेरिका में चीजें पहले से बदल चुकी हैं. अप्रवासियों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया जाता है.


क्या स्वेच्छा से घर लौटे अप्रवासी?


सरकारी सूत्रों ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि निर्वासन की ये उड़ान ट्रंप के हाल के किसी भी आव्रजन आदेश से जुड़ी हुई नहीं थी, बल्कि 2017 के द्विपक्षीय समझौते का हिस्सा थी. वहीं ब्राजील सरकार के एक सूत्र ने पुष्टि की कि मनौस पहुंचे निर्वासितों के पास उनके दस्तावेज थे, जिससे पता चलता है कि वे स्वेच्छा से घर लौटने के लिए सहमत हुए थे.


अवैध आव्रजन पर कार्रवाई बड़ा मुद्दा


अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में जब से डोनाल्ड ट्रंप मे दूसरा कार्यकाल शुरू किया है तब से अवैध आव्रजन पर उनकी कार्रवाई बड़ा मुद्दा बन गई है. पद संभालने के पहले ही दिन, उन्होंने यूएस-मेक्सिको बॉर्डर पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की और आपराधिक विदेशियों को निर्वासित करने की कसम खाई. 


यह भी पढ़ें- मंत्रोच्चार के बीच परिवार संग गृह मंत्री अमित शाह ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी, संतों का लिया आशीर्वाद; देखें तस्वीरें