हिंसा से ग्रसित भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में अगले माह फरवरी में आम चुनाव होने हैं. देश में अभी सबसे बड़ी पार्टी खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) है, जिसके लीडर तारिक रहमान हाल ही में अपने मुल्क वापस लौटे हैं. ऐसे में आगामी चुनाव को लेकर कट्टरपंथी जमात ए इस्लामी के साथ छात्र आंदोलन की पार्टी (NCP) ने हाथ मिला लिया है.
एनसीपी के जमात ए इस्लामी के साथ आने से बांग्लादेश का चुनाव दिलचस्प हो गया है. बताया जा रहा है कि दोनों पार्टियों के बीच सीटों का बंटवारा भी फाइनल हो गया है. बता दें कि ये दोनों ही पार्टियां अपने भारत विरोधी एजेंड के लिए जानी जाती हैं. ऐसे में अब सीधी लड़ाई बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानि बीएनपी और जमात गठबंधन के बीच होगी.
जमात और NCP के गठबंधन में कितनी पार्टियां शामिल
बता दें कि बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनावों से पहले 253 सीटों पर सीट बंटवारे की घोषणा कर दी है. गठबंधन के अनुसार जमात-ए-इस्लामी 179 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) 30 सीटों पर, ममुनुल हक के नेतृत्व वाली बांग्लादेश खेलाफत मजलिस 20 सीटों पर, खेलाफत मजलिस 10 सीटों पर, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी सात सीटों पर, एबी पार्टी तीन सीटों पर, जबकि निज़ाम-ए-इस्लामी पार्टी और बांग्लादेश डेवलपमेंट पार्टी दो-दो सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगी.
इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश ने किया किनारा
यह जानकारी जमात के नायब-ए-अमीर सैयद अब्दुल्ला मोहम्मद ताहेर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. हालांकि गठबंधन की एक अहम सहयोगी इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश (आईएबी) ने इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस का बहिष्कार किया. इसके बावजूद गठबंधन में आईएबी के लिए 47 सीटें आरक्षित रखी गई हैं. जमात के सूत्रों के मुताबिक, यदि भविष्य में बांग्लादेश खिलाफत आंदोलन या जगपा को भी सीटें आवंटित की जाती हैं तो आईएबी के लिए निर्धारित सीटों की संख्या में कटौती हो सकती है.
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