उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही शिक्षकों के 23,000 से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रही है. राज्य के 4,512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी, पीजीटी, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य के पदों पर भर्ती की जाएगी. इन भर्तियों को लेकर राज्य के लगभग सभी जिलों ने खाली पड़े पदों की डिटेल शिक्षा निदेशालय को भेज दी है. यह भर्ती उत्तर प्रदेश असाधारण एवं विशेष चयन आयोग के माध्यम से की जाएगी. शिक्षा निदेशालय के अनुसार 71 जिलों से अब तक कुल 22,201 खाली पड़े पदों की जानकारी प्राप्त हुई है. वहीं बाकी चार जिलों के डेटा मिलने के बाद यह संख्या बढ़कर 23,000 से ज्यादा होने की उम्मीद है.
31 मार्च 2026 तक भेजी जाएगी वैकेंसी डिटेल्स
उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग ने सभी जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि 2025-26 में ट्रांसफर के लिए रिजर्व पदों को ओर छोड़कर बाकी खाली पदों की जांच करके रिपोर्ट भेजें. आयोग ने 29 जुलाई को नई भर्तियों के लिए जानकारी मांगी थी और वैकेंसी भेजने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2026 तय की गई है. बताया जा रहा है कि 31 मार्च के इसके बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है. वहीं शिक्षा निदेशालय जल्द ही सभी भर्तियों को UPESSC के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करेगा . उत्तर प्रदेश के उप शिक्षा निदेशक के अनुसार हर जिले को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भेजी गई जानकारी सही हो ताकि भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे.
30,000 से ज्यादा शिक्षकों की नौकरी पर भी मंडरा रहा खतरा
वहीं, बीएड डिग्री वाले शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 30, 000 से ज्यादा प्राथमिक शिक्षक छह महीने के ब्रिज कोर्स का इंतजार कर रहे हैं. एनआईओएस की तरफ से आयोजित यह कोर्स 1 दिसंबर से शुरू हो सकता है. एनसीटीई ने इस कोर्स को 2 जुलाई 2025 को मंजूरी दी थी. हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग ने अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 11 अगस्त 2023 से पहले नियुक्त बीएड धारक शिक्षकों को एक साल के भीतर यह ब्रिज कोर्स पूरा करना होगा. अगर शिक्षक कोर्स पूरा नहीं करते तो उनके नियुक्ति रद्द मानी जाएगी. इस वजह से अब सभी की नजरें सरकार की ओर से जारी होने वाली अधिसूचना पर टिकी हुई है.
