बलूच नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस्लामाबाद बलूचिस्तान प्रांत में धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहा है. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने अब तक बलूचिस्तान में करीब 40 मस्जिदों को नष्ट कर दिया है. मीर बलूच का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान भारत पर मस्जिदों की प्रोफाइलिंग का आरोप लगा रहा है.
मीर यार बलूच की प्रतिक्रिया पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के उस बयान के बाद सामने आई है, जिसमें भारत पर कश्मीर में मस्जिदों, इमामों और मस्जिद समितियों की प्रोफाइलिंग करने का आरोप लगाया गया था. पाकिस्तान ने इसे धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप और धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया था. इसी पर पलटवार करते हुए मीर बलूच ने कहा कि पाकिस्तान को दूसरों को धार्मिक अधिकारों पर उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.
The Republic of Balochistan Fully Stands with Bharat’s Principled Position on PoJK
18 January 2026
Pakistan is a Terrorist state and involved in harassing the Hindus, Sikhs, Christians and other minorities.
Pakistan can't lecture Bharat, Balochistan, Afghanistan and others… https://t.co/mvZKO0rurg
— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) January 17, 2026
मीर यार बलूच को पोस्ट
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मीर यार बलूच ने पाकिस्तान को आतंकवादी देश करार दिया और कहा कि वहां हिंदुओं, सिखों, ईसाइयों और अन्य अल्पसंख्यकों को लंबे समय से निशाना बनाया जाता रहा है. उन्होंने लिखा कि बलूचिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुद्दे पर भारत के सैद्धांतिक रुख के साथ रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान मजबूती से खड़ा है.
मस्जिदों पर सीधी बमबारी
मीर बलूच ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में मस्जिदों पर सीधी बमबारी की, पवित्र कुरान को जलाया और कई मस्जिदों के धार्मिक नेताओं का अपहरण किया. उनके अनुसार, यह सब बलूच जनता को डराने और दबाने की रणनीति का हिस्सा है. उन्होंने दावा किया कि बलूचिस्तान के शासक रहे खान ऑफ कलात की मस्जिद पहली ऐसी जगह थी, जिसे पाकिस्तानी सेना ने टैंकों और तोपों से निशाना बनाया था.
मस्जिद की दीवारों पर मोर्टार शेल के निशान
मीर यार बलूच ने कहा कि आज भी उस मस्जिद की दीवारों पर मोर्टार शेल के निशान मौजूद हैं, जो पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई और कथित धार्मिक पाखंड का प्रमाण हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक तरफ खुद को इस्लाम का रक्षक बताता है, जबकि दूसरी तरफ वही धार्मिक स्थलों को नष्ट करता रहा है.
बलूचिस्तान के लोगों की मांग
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा, लेकिन सबसे कम विकसित प्रांत है, जो खनिज संसाधनों से भरपूर होने के बावजूद दशकों से राजनीतिक अशांति और संघर्ष का केंद्र रहा है. यहां बलूच राष्ट्रवादी लंबे समय से अधिक स्वायत्तता, प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण और स्वतंत्रता की मांग करते रहे हैं. यह संघर्ष समय-समय पर हिंसक रूप भी लेता रहा है.
बलूचिस्तान की आज़ादी का ऐलान
मई 2025 में बलूच राष्ट्रवादी नेताओं ने पाकिस्तान से अलग होकर बलूचिस्तान की आज़ादी का ऐलान किया था. इसके बाद से हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के साथ-साथ चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से जुड़ी परियोजनाएं भी लगातार हमलों के निशाने पर रही हैं.
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