बेंगलुरु में एक चौंकाने वाले मैट्रिमोनियल फ्रॉड का मामला सामने आया है, जहां व्हाइटफील्ड की एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने शादी का झांसा देकर ₹1.53 करोड़ से अधिक की ठगी किए जाने का आरोप लगाया है. पीड़िता के अनुसार, मार्च 2024 में उसकी मुलाकात एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर खुद को विजय राज गौड़ा उर्फ विजेथ बी. बताने वाले व्यक्ति से हुई. आरोपी ने खुद को VRG एंटरप्राइजेज का मालिक बताते हुए लॉरियों का बेड़ा, स्टोन क्रशर और राजाजीनगर व सदाशिवनगर में संपत्तियों का दावा किया. भरोसा जीतने के लिए उसने 2019 के प्रवर्तन निदेशालय (ED) केस से जुड़े दस्तावेज साझा किए और कथित तौर पर ₹715 करोड़ की नेटवर्थ बताई.
रिश्ता आगे बढ़ने और शादी की बात होने के बाद आरोपी ने पैसों की मांग शुरू की. अप्रैल 2024 में 15,000 की छोटी रकम से शुरू होकर यह मांग कथित जॉइंट बिजनेस इन्वेस्टमेंट के नाम पर लगातार बढ़ती गई. पीड़िता का आरोप है कि उसे कर्ज लेने और दोस्तों व रिश्तेदारों से पैसे जुटाने के लिए मजबूर किया गया.
कई बैंक खातों के जरिए पैसे हुए ट्रांसफर
शिकायत के मुताबिक, HDFC, केनरा बैंक, ICICI और बैंक ऑफ बड़ौदा के 5 खातों के जरिए कुल 1 करोड़ 75 लाख 66 हजार 890 आरोपी को ट्रांसफर किए गए. इसमें दोस्तों और सहकर्मियों से 89 लाख, माता-पिता से 28 लाख (मां की रिटायरमेंट सेविंग्स सहित) और गहने गिरवी रखकर 10 लाख शामिल हैं. भरोसा बनाए रखने के लिए करीब 22.5 लाख लौटाए गए, लेकिन 1करोड़ 53 लाख 15 हजार 090 अब भी बकाया हैं. आरोप है कि आरोपी के पिता बोरे गौड़ा यू.जे., जिन्होंने खुद को रिटायर्ड तहसीलदार बताया. उन्होंने गारंटी के तौर पर कंपनी के चेक दिए, जिससे ठगी को और मजबूती मिली.
आरोपी के परिवार के खिलाफ FIR
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता पैसे वापस मांगने आरोपी के घर पहुंची. वहां उसे पता चला कि विजेथ पहले से शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिसे वह उसकी बहन बता रहा था, वही महिला उसकी पत्नी सौम्या निकली, जिनसे उसकी तीन साल पहले शादी हो चुकी थी. पीड़िता का आरोप है कि पूरा परिवार मिलकर झूठी पहचान और झूठे दावे पेश करता रहा. शिकायत में यह भी कहा गया है कि सच्चाई सामने आने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकियां दीं. पुलिस ने विजेथ बी., उसके पिता बोरे गौड़ा और पत्नी सौम्या के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. लेन-देन के ट्रेल और कथित कोर्ट दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है. मामले की जांच जारी है.
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