Brij Bhushan Singh On WFI Ban Lift: गुरूवार को केन्द्रीय युवा और खेल मंत्रालय ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से बैन हटा दिया. इसके बाद रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी नेता बृजभूषण सिंह ने बयान दिया है. बृजभूषण सिंह ने कहा कि रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और अन्य फेडरेशन अपने आप में स्वतंत्र संस्थान हैं, लेकिन कुछ मामले आ गए थे, जिसके बाद सरकार ने बैन कर दिया था. साथ ही सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश पर चुनाव का आयोजन किया गया. वहीं, इस चुनाव में संजय सिंह को जीत मिली. लेकिन इसके बाद बैन फिर से लगा दिया गया.


'मुझे उम्मीद है कि रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया...'


बृजभूषण सिंह ने कहा कि सरकार ने कोचों के अलावा प्लेयर्स, संबंधित लोग और वकीलों के साथ बात की. इसके बाद भारत सरकार ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से बैन हटाने का फैसला किया. मेरा मानना है कि इस फैसले से 99.9 फीसदी लोग खुश हैं. मुझे उम्मीद है कि रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ईमानदारी से काम करेगी और रेसलिंग को फिर से ट्रेक पर लाने में अहम भूमिका निभाएगी. इससे पहले तकरीबन 26 महीनों तक कैंप बंद रहा. वहीं, तकरीबन डेढ़ साल पहले दिसंबर 2023 में चुनाव का आयोजन किया गया, जिसमें संजय सिंह ने जीत हासिल की थी.


बताते चलें कि संजय सिंह की अगुवाई वाली पैनल ने 21 दिसंबर, 2023 को चुनाव में जीत हासिल की थी, लेकिन पूर्व WFI प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के गढ़ गोंडा के नंदिनी नगर में नेशनल चैंपियनशिप के लिए वेन्यू के चुनाव ने सरकार को नाराज कर दिया था. बहरहाल, खेल मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि WFI ने सुधारात्मक उपाय किए हैं, इसलिए उसने निलंबन हटाने का फैसला किया है. गौरतलब है कि सात महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न के लिए निवर्तमान WFI प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर 2023 में विरोध प्रदर्शन करने वाले पहलवानों ने दिसंबर 2023 में महासंघ के पदाधिकारियों के चुनाव के लिए हुए चुनावों को रद्द करने और उन्हें अवैध घोषित करने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था.


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