Union Budget 2025 Expectations Senior Citizens: शनिवार को आ रहे देश के बजट ने लोगों की धड़कनें ब़ढ़ी रखी हैं. सबकी उम्मीदें आसमान पर हैं. ऐसे में दादा जी कहां पीछे रहने वाले हैं. उन्हें भी लग रहा है कि बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कुछ तो ऐसा करे, जिससे बुढ़ापा मौज में कटने का भरोसा जगे, क्योंकि महंगाई ने जरूरत के आगे जमा पूंजी पर मिल रहे रिटर्न को दबाव में रखना शुरू कर दिया. सीनियर सिटीजंस को भरोसा भी है और उनकी मांग भी है कि उनकी 10 लाख तक की सालाना आमदनी पर टैक्स नहीं लगे. इसके अलावा उन्हें पेंशन बेनिफिट पर भी अधिक से अधिक छूट मिलने की आशा है, ताकि पेंशन से मिलने वाली राशि में से अधिक से अधिक उनके हाथ में ही आए.
सेविंग स्कीम्स पर भी इंट्रेस्ट बढ़ने की है आशा
बुजुर्गों को केवल आमदनी पर टैक्स से छूट की चाहत ही नहीं है, बल्कि सेविंग स्कीम्स पर भी अधिक सूद मिलने की चाहत है. ताकि रेगुलर इनकम नहीं होने के कारण जमा पूंजी पर ही अधिक से अधिक रिटर्न बुढ़ापे की जरूरतों के लिए मिल सके. जानकारों की राय में सीनियर सिटीजंस के लिए रिस्क फ्री और लंबी अवधि वाला इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट चाहिए, जो उन्हें मार्केट रेट से ज्यादा का रिटर्न दे सके.
70 साल से ऊपर अगर केवल पेंशन ही आमदनी हो तो आईटीआर से मिले मुक्ति
75 साल से अधिक उम्र वाले सीनियर सिटीजंस की आमदनी का स्रोत केवल पेंशन और उस पर उसी खाते से मिलने वाला इंट्रेस्ट हो तो उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर देने से भी मुक्ति मिली हुई है. पेंशन वाली बैंक शाखा ही सोर्स पर ही टैक्स कटौती कर लेती है. इस सुविधा को 70 साल तक घटाकर सीनियर सिटीजंस के बड़े हिस्से को इसका लाभ दिया जा सकता है. इसके अलावा न्यू टैक्स रिजीम के तहत बेसिक एक्जंपशन लिमिट को भी तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख तक कर देने की भी उम्मीद है. मेट्रो सिटी में हाऊस रेंट एलाउंस के आधार पर मिलने वाले फायदे को भी बढ़ाने की आशा बुजुर्गों की ओर से जताई जा रही है.
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