केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की तरफ से बेहद जल्द ही 10वीं और 12वीं क्लास का रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा. नतीजों को लेकर लाखों स्टूडेंट्स इंतजार में हैं. इन छात्रों का इंतजार अब कभी भी खत्म हो सकता है. लेकिन बोर्ड ने रिजल्ट जारी करने की तारीख से पहले एक बड़ा फैसला लिया है. आइए जानते हैं क्या है वह निर्णय...
दरअसल, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के बाद होने वाली पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. यह बदलाव छात्रों को अधिक पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता देने के उद्देश्य से किया गया है. अब छात्र सबसे पहले अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी देख पाएंगे और उसके बाद ही वे अंकों के सत्यापन या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे.
क्या है नई प्रक्रिया?
नई प्रणाली के तहत, छात्र सबसे पहले CBSE से अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी प्राप्त करेंगे. इसके बाद वे यह देख सकेंगे कि किस उत्तर के लिए कितने अंक मिले हैं और किस प्रश्न में कितनी कटौती हुई है. यह पारदर्शिता उन्हें यह तय करने में मदद करेगी कि अंकों के सत्यापन या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करना है या नहीं.
यह भी पढ़ें: घर का काम करने के लिए IIT से भी ज्यादा का पैकेज, दुबई की कंपनी ने निकाली 83 लाख सैलरी वाली नौकरी
नई प्रक्रिया में तीन मुख्य चरण होंगे
- उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी प्राप्त करें.
- अंकों का सत्यापन कराएं (यदि जोड़ या अंक दर्ज करने में गलती हो).
- री-वैल्यूएशन के लिए आवेदन करें (यदि उत्तरों के मूल्यांकन पर संदेह हो).
पहले कैसे होती थी प्रक्रिया?
पहले छात्रों को सबसे पहले अंकों के सत्यापन के लिए आवेदन करना होता था. उसके बाद वे फोटोकॉपी प्राप्त कर सकते थे और फिर अंतिम चरण में री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया शुरू होती थी. लेकिन अब यह बदल दिया गया है ताकि छात्र पहले ही यह समझ सकें कि उन्हें अंक क्यों और कैसे मिले हैं. CBSE का कहना है कि यह बदलाव छात्रों को अधिक स्पष्टता देने और मूल्यांकन संबंधी भ्रम को कम करने के लिए किया गया है. इससे छात्रों को री-इवैल्यूएशन का सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी.
यह भी पढ़ें: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में असिस्टेंट मैनेजर की बंपर भर्ती, 30 साल तक के युवा ऐसे करें आवेदन
