केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2025-26 के शैक्षणिक सत्र के लिए कक्षा 10 और 12 की प्रैक्टिकल परीक्षाओं, प्रोजेक्ट और आंतरिक मूल्यांकन को लेकर एक विस्तृत नोटिस जारी किया है. यह नोटिस बोर्ड से जुड़े सभी स्कूलों पर लागू होगा. बोर्ड ने इसे पिछले जारी किए गए निर्देशों का विस्तार बताया है, ताकि परीक्षा संचालन और मूल्यांकन पूरी तरह से पारदर्शी और व्यवस्थित हो.
CBSE ने साफ किया है कि प्रैक्टिकल परीक्षाएं 1 जनवरी, 2026 से शुरू होकर 14 जनवरी, 2026 तक आयोजित की जाएंगी. इसके लिए बोर्ड ने स्कूलों को कई जरूरी निर्देश दिए हैं, ताकि छात्रों को किसी तरह की असुविधा या तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े और सभी परीक्षा सही ढंग से पूरी हो.
प्रैक्टिकल परीक्षा से पहले स्कूलों को क्या करना चाहिए
बोर्ड ने स्कूलों को पहले से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. स्कूलों को यह देखना होगा कि परीक्षा से पहले पर्याप्त संख्या में प्रैक्टिकल उत्तर पुस्तिकाओं की उपलब्धता हो. अगर किसी सामग्री या उपकरण में कोई समस्या हो तो तुरंत संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को सूचित किया जाए. छात्रों और उनके अभिभावकों को प्रैक्टिकल परीक्षा का कार्यक्रम और CBSE के सभी निर्देशों के बारे में साफ जानकारी दी जाए.
बुनियादी ढांचा और लेबोरेटरीज
CBSE ने यह भी कहा है कि स्कूलों को सुनिश्चित करना चाहिए कि लेबोरेटरीज सभी जरूरी उपकरण, सामग्री और बुनियादी सुविधाओं से पूरे हों. छात्रों को प्रयोग करने के लिए पर्याप्त जगह और सुविधा उपलब्ध हो. परीक्षा संचालन के लिए बोर्ड के तहत की गई नियुक्त बाहरी परीक्षकों से समय पर संपर्क किया जाए. सिर्फ CBSE नियुक्त बाहरी परीक्षक ही प्रैक्टिकल परीक्षा ले सकते हैं. किसी भी अनधिकृत परीक्षक आयोजित परीक्षा अमान्य मानी जाएगी.
विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए व्यवस्था
CBSE ने विशेष जरूरत वाले बच्चों (CWSN) के लिए आसान और सुविधाजनक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है, ताकि वे भी प्रैक्टिकल परीक्षा, प्रोजेक्ट और आंतरिक मूल्यांकन में पूरी तरह से भाग ले सकें. छात्र स्कूल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल होंगे. मूल्यांकन वाले दिन ही नंबर अपलोड करने होंगे. एक बार अपलोड किए गए नंबर बाद में नहीं बदले जा सकते है. CBSE ने स्कूलों को चेतावनी दी है कि नंबर अपलोड करते समय सावधानी बरती जाए. अगर गलत नंबर अपलोड किए गए, तो परिणाम बाद में सही नहीं किए जा सकते हैं
नंबर देने के संबंध में नियम
नंबर सिर्फ CBSE की नंबरन योजना के अनुसार ही दिए जाएंगे. नंबर छात्र के प्रदर्शन पर आधारित होने चाहिए, किसी प्रकार का मन माना नंबर नहीं दिया जाएगा. प्रिंसिपल और परीक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी अधिकतम नंबर अनुचित तरीके से न दिया जाए. 2026 की परीक्षा में प्रैक्टिकल उत्तर पुस्तिकाओं में एक वचन पत्र होगा, जिसमें यह लिखा होगा कि दिए गए. अधिकतम नंबर की जांच की गई है और सभी नियमों का पालन करते हुए नंबर दिए गए हैं. CBSE ने साफ किया है कि राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खेलों में भाग लेने वाले छात्रों को प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट या आंतरिक मूल्यांकन में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी. उनके लिए कोई अलग से परीक्षा आयोजित नहीं होगी.
प्रैक्टिकल परीक्षा 1 जनवरी से 14 जनवरी, 2026 तक आयोजित की जाएगी. स्कूलों को परीक्षा की स्थिति के बारे में नियमित रूप से वाइस प्रिंसिपल या समन्वयकों को सूचित करना होगा. किसी भी संदेह या समस्या होने पर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क करना होगा.
CBSE की ओर से लास्ट रिमाइंडर
CBSE ने चेतावनी दी है कि अगर कोई स्कूल बोर्ड के निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो वह स्कूल में आयोजित प्रैक्टिकल परीक्षाओं को रद्द करने का अधिकार सुरक्षित रखता है. बोर्ड ने स्कूलों से कहा है कि वे शैक्षणिक ईमानदारी बनाए रखें और सभी छात्रों के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारू परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करें.
यह भी पढ़ें : Bank of India Recruitment 2025-26: बैंक ऑफ इंडिया में 514 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की लास्ट डेट कल, यहां करें अप्लाई
