Delhi Assembly Elections 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में बीजेपी ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है. बीजेपी ने दिल्ली में प्रचंड जीत दर्ज करते हुए 70 विधानसभा सीटों वाले केंद्रशासित प्रदेश में 48 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं, 22 सीटों पर आम आदमी पार्टी (AAP) को जीत मिली है और कांग्रेस एक बार फिर अपना खाता खोलने में नाकाम रही है.
दिल्ली की राजनीति में हुए इस बड़े उलटफेर को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे हैं. आम आदमी पार्टी की हार को लेकर सियासी गलियारों में तमाम कारणों और वजहों की चर्चाएं आम हैं. हालांकि, माना जा रहा है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के एक ब्रह्मास्त्र ने पूरे इलेक्शन की हवा बदल दी. बीजेपी की ओर से की गई तमाम बड़ी घोषणाओं और भ्रष्टाचार समेत यमुना के पानी जैसे मुद्दों से इतर इस ब्रह्मास्त्र को ही सियासत का अचूक हथियार कहा जा रहा है. वो हथियार है 2025 के आम बजट में नए इनकम टैक्स बिल में मिली मिडिल क्लास आबादी को राहत.
मिडिल क्लास ने बीजेपी को किया सपोर्ट!
केंद्र सरकार ने बजट 2025 में मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स की लिमिट 7 लाख से बढ़ाकर 12 लाख कर दिया. इसका मतलब है कि अगर कोई 12 लाख तक सालाना कमाता है तो उसे कोई टैक्स नहीं देना होगा. दिल्ली में मिडिल क्लास की संख्या 45 फीसदी है. पिछली बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिडिल क्लास ने AAP को सबसे ज्यादा वोट दिया था. चुनाव नतीजों को देख कर ये कहा जा सकता है कि इस बार मिडिल क्लास ने बीजेपी को वोट दिया है.
8वें वेतन आयोग का भी रहा है प्रभाव!
दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार की ओर से एक और बड़ा ऐलान किया था. इस दौरान केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दी गई. इसके बाद कर्मचारियों की सैलरी बढ़ जाएगी. इसका फायदा भी बीजेपी को हुआ है. दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की कुल संख्या 7 लाख से ज्यादा है.
दिल्ली में आरके पुरम, नेताजी नगर, मिंटो रोड, रानी लक्ष्मी बाई रोड, सरोजनी नगर, पहाड़गंज, मालवीय नगर, गुलाबी बाग (नॉर्थ कैंपस), सिरी फोर्ट रोड, मंडी हाउस, एंड्रूयज गंज, पुष्प विहार और मयूर विहार फेस वन सरकारी कर्मचारी रहते हैं. यहां पर भी बीजेपी को फायदा हुआ है.
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