Earthquake in Nepal: भारत के पड़ोसी देश नेपाल में शनिवार (03 मई, 2025) को एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग अपने-अपने घरों से निकलकर खुले मैदान की तरफ दौड़ आए. 


नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, यह भूकंप 03 मई, 2025 को सुबह 10:38:50 बजे आया था. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.2 मापी गई. इस भूकंप का केंद्र नेपाल में जमीन के अंदर 10 किलोमीटर गहराई में था. हालांकि इस भूकंप में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है. 






नेपाल दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है, जहां भूकंप का खतरा लगातार बना रहता है. बीते 28 मार्च को जब म्यांमार और थाईलैंड में  शक्तिशाली भूकंप ने तबाही मचाई थी, उस दिन नेपाल में भी 6.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके भारत के बिहार, सिलीगुड़ी और अन्य पड़ोसी क्षेत्रों में महसूस किए गए थे.


बीते महीने भी नेपाल में आया था भूकंप 


नेपाल में बीते 4 अप्रैल को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. इस भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.0 थी. राहत की बात ये रही कि इस भूकंप से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ था. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप 20 किमी की गहराई में आया. उत्तराखंड का पिथोरागढ़ भूकंप का केंद्र था.


बार-बार क्यों आते हैं भूकंप?


पृथ्वी की सतह के नीचे या या कहे कि धरती के अंदर हमेशा उथल-पुथल मची रहती है. धरती के अंदर मौजूद प्लेटें लगातार आपस में टकराती या दूर खिसक रही होती हैं. इसी के चलते हर साल भूकंप आते रहते हैं. भूकंप को समझने से पहले हमें धरती के नीचे मौजूद प्लेटों की संरचना को समझना चाहिए. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, धरती में 12 टैक्टोनिक प्लेटें होती हैं. इन प्लेटों के आपस में टकराने पर जो ऊर्जा निकलती है, उसे ही भूकंप कहा जाता है.