Money Laundering: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दिल्ली जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग से प्रभावित पीड़ितों और सही हकदारों को 13.58 करोड़ रुपये की संपत्ति वापस लौटा दी है. ये राशि कमल कालरा मामले से जुड़ी हुई है जिसमें फर्जी लेन-देन कर विदेशी कंपनियों को बड़ी रकम भेजी गई थी.
ईडी की जांच में सामने आया कि इस घोटाले में कई फर्जी कंपनियों और बैंक खातों का इस्तेमाल कर विदेशों में पैसा भेजा गया. कमल कालरा और उनके साथियों ने फर्जी कंपनियों के माध्यम से करोड़ों रुपये विदेशों में ट्रांसफर किए और उन्हें इलीगल तरीके से इस्तेमाल किया. इस मामले में 69 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई थीं जिनमें से 13.58 करोड़ रुपये की राशि सही दावेदारों और पीड़ितों को लौटा दी गई है.
ईडी ने कैसे की कार्रवाई?
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत इस मामले की गहन जांच की. जांच में फर्जी डॉक्यूमेंट्स, संदिग्ध बैंक खातों और विदेशी ट्रांजैक्शनों की पहचान की गई. ईडी ने इस कार्रवाई के तहत:
- 69 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की.
- सभी संदिग्ध बैंक खातों की जांच की.
- 13.58 करोड़ रुपये सही हकदारों को लौटाए.
अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई का संदेश
ईडी ने कहा कि ये कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश है कि मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. पीड़ितों को उनका हक दिलाना और अपराधियों को कानून के कठघरे में खड़ा करना ईडी की प्राथमिकता है.
पीड़ितों को मिली राहत
इस मामले में सही हकदारों को पैसे वापस मिलने से पीड़ितों को बड़ी राहत मिली है. सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियां लगातार आर्थिक अपराधों पर सख्त कार्रवाई कर रही हैं ताकि जनता का विश्वास बना रहे. ईडी की ये कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ एक और अहम कदम है और भविष्य में भी ऐसी जांचें जारी रहेंगी.
