Laalo के director ने बताया कि आम धारणा के विपरीत, यह फिल्म केवल 25–50 लाख में नहीं बनी थी, बल्कि इसका असली बजट ₹1 करोड़ से ऊपर था। शूटिंग के दौरान खर्च कम था, लेकिन जैसे ही post-production शुरू हुआ साउंड डिजाइनिंग, DI और एडिटिंग के दौरान बजट बढ़ गया।
टीम ने हर कदम सोच-समझकर लिया। खासकर साउंड Design और गानों में निवेश किया गया। सिंगल-ले टैक गाने और दोस्तों व पेशेवरों के साथ सहयोग करके उन्होंने खर्च को नियंत्रित किया। प्रतिदिन की planningऔर Discipline बजट का मुख्य कारण रही। निर्देशक खुद हर कॉल और खर्च की निगरानी करते थे ताकि हर पैसा सही जगह खर्च हो। अंत में, smart planning, Creative Solutions और quality पर फोकस करने से Laalo ब्लॉकबस्टर बनी, बावजूद इसके कि यह बजट के भीतर ही रही।