भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने ईरान में भारतीय और अफगान नागरिकों की गिरफ्तारी से जुड़ी खबरों को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे केवल विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी हासिल करें.


यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच वहां पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर भारत में चिंताएं बढ़ गई है. अमेरिका स्थित संस्था Human Rights Activists News Agency (HRANA) ने दावा किया था कि 28 दिसंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सैकड़ों लोगों की मौत हुई है.






राजदूत फथाली का रिएक्शन


मामले पर ईरानी राजदूत फथाली ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'कुछ विदेशी X अकाउंट्स पर ईरान की स्थिति को लेकर जो खबरें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह झूठी हैं. मैं सभी संबंधित लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही जानकारी हासिल करें.' इससे पहले दावा किया गया था कि ईरानी पुलिस ने 10 अफगान और 6 भारतीय नागरिकों को उनके ईरानी सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया है. ईरान सरकार इससे पहले भी विदेशी मीडिया पर देश की आंतरिक स्थिति को लेकर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाती रही है.


भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर AIMSA और FAIMA का बयान


इस बीच, ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) और फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन्स (FAIMA) ने रविवार (11 जनवरी 2026) को स्पष्ट किया कि ईरान में पढ़ रहे सभी भारतीय छात्र पूरी तरह सुरक्षित हैं. ANI से बातचीत में AIMSA और FAIMA डॉक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद मोमिन खान ने कहा, 'ईरान में हमारे सभी छात्र सुरक्षित हैं. घबराने की कोई जरूरत नहीं है.' उन्होंने बताया कि दोनों संगठनों को ईरान के विभिन्न हिस्सों में रह रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा की पुष्टि मिली है. कई छात्रों ने स्वयं संगठनों से संपर्क कर अपने परिवारों को आश्वस्त करने का अनुरोध किया.


भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन सतर्क


डॉ. खान ने आगे कहा कि भारतीय दूतावास और वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. छात्रों और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि किसी भी संभावित जोखिम से समय रहते निपटा जा सके. AIMSA और FAIMA ने यह भी कहा कि वे लगातार बातचीत कर रहे हैं.  जैसे ही कोई नया अपडेट मिलेगा, उसे तुरंत साझा किया जाएगा, ताकि अफवाहों और बेकार के डर से बचा जा सके.


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