पश्चिम बंगाल में ED ने I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के ठिकानों पर कोयला घोटाले से जुड़े मामले को लेकर छापेमारी की, जिसके बाद देशभर में राजनीति पारा चढ़ गया. ईडी ने सीएम ममता बनर्जी पर जबरन फाइलें छीनने का आरोप लगाया. वहीं बंगाल की सीएम ने ईडी पर दस्तावेज चुराने का आरोप लगाते हुए जांच एजेंसी पर कर्रवाई करने की मांग की. ईडी ने पॉलिटिकल कंसलटेंट फर्म I-PAC के ऑफिस और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की. प्रतीक ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के आईटी सेल के हेड भी हैं.


कोलकाता में ईडी की कार्रवाई के दौरान प्रतीक घर पर ही मौजूद थे. सुबह 6 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई थोड़े ही समय बाद तूल पकड़ने लगा. इस दौरान कोलकाता पुलिस कमिश्नर प्रतीक के घर पहुंचे और थोड़ी देर बाद सीएम ममता बनर्जी खुद वहां पहुंच गई. बंगाल की सीएम जब वहां से निकलीं तो उनके हाथ में एक हरे रंग की फाइल थी. यहां से वह I-PAC के ऑफिस भी गईं.


पश्चिम बंगाल की सीएम ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि वह टीएमसी के दस्तावेज उठवा रहे हैं. इसी मामले की जांच के सिलसिले में ईडी की दूसरी टीम ने उत्तरी कोलकाता के पोस्टा इलाके में एक व्यवसायी के घर भी छापा मारा.इस कार्रवाई में केंद्रीय बलों की भी मदद ली गई. अचानक हुए इस छापे ने I-PAC की पूरी टीम को चौंका दिया. जैसे-जैसे दिन बीता, कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने घरों से वीडियो कॉल के जरिए मीटिंग करने लगे. अलग-अलग जिलों में मौजूद I-PAC के सदस्यों के साथ भी मीटिंग आयोजित की गई.


मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी यहां I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर तलाश अभियान के दौरान तृणमूल कांग्रेस की हार्ड डिस्क, आंतरिक दस्तावेज और संवेदनशील संगठनात्मक डाटा जब्त करने का प्रयास कर रहे थे. ममता बनर्जी ने जैन के आवास पर हुई छापेमारी को राजनीतिक रूप से प्रेरित और असंवैधानिक बताया. उन्होंने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय सत्तारूढ़ पार्टी की आंतरिक रणनीति, उम्मीदवारों की सूचियां और गोपनीय डिजिटल सामग्री तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था.