उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बेबस मां और लाचार पिता ने प्रदेश सरकार और मोदी सरकार से अपने एकलौते बेटे को वापस लाने की गुहार लगाई है. इस दंपति का दावा है कि उनके बेटे को उसके साथियों के साथ ईरान में गिरफ्तार कर लिया गया है. उनका बेटा मर्चेंट नेवी में थर्ड अफसर है इनको यह भी जानकारी नहीं है कि उनके बेटे और उनके सहयोगी की गिरफ्तारी ईरान फोर्स ने की है या अमेरिका की फोर्स ने.


गाजियाबाद की डीएलएफ कॉलोनी में रहने वाले मुकेश मेहता और रजनी मेहता इन दिनों काफी परेशान हैं. बता दें कि मुकेश मेहता जहां इन्सुरेंस एजेंट है वहीं उनकी पत्नी रजनी हाउस मेकर हैं और इनका 27 साल का इकलौता बेटा केतन मेहता ईरान में फंसा हुआ है. 


क्या है पूरा मामला
परिजनों के मुताबिक केतन दुबई की जीएस टैंकर नाम की कंपनी में थर्ड इंजीनियर है. केतन मर्चेंट नेवी में है और 29 जून को इंडिया से गया था. 31 दिसंबर को परिवार की आखिरी बार अपने बेटे केतन से बात हुई थी. परिवारवालों के मुताबिक 6 जनवरी को एक अज्ञात कॉल आया, जिसने खुद को उस शिप के कैप्टन का भाई बताया जिसमें बताया गया कि केतन को अन्य 10 अफसर के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है. हालांकि गिरफ्तारी किसने की है और क्यों की है, इस बात की इनको जानकारी नहीं है. ईरान में हो रही हिंसा इनको और भी ज्यादा डरा रही है.


पीएम मोदी से मदद की गुहार
यह खबर सुनने के बाद उनके पैरों तले जमीन खिसक गई कि उनके बेटे के शिप में ईरान से तेल आना था और जो दुबई जाना था. तभी से यह लोग लगातार विदेश मंत्रालय में संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं और विदेश मंत्रालय का जो अफसर ईरान के मामले देखता है उनको मेल भी की है. अब इनको पीएम मोदी से उम्मीद है कि वहीं उनके बेटे और अन्य लोगों को वापस ला सकते हैं.


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