New Income Tax Bill: अब जल्दी ही आपको इनकम टैक्स में अपनी लायबलिटी समझने के लिए किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी या किसी टैक्स प्रैक्टिशनर या लॉयर के पास दौड़ने की जरूरत नहीं होगी. वह इतना आसान होगा कि आप एक नजर में समझकर अपनी आमदनी के मुताबिक इनकम टैक्स का कैलकुलेशन कर लेंगे और आईटीआर फाइल कर सकेंगे. भारत का इनकम टैक्स कानून 64 साल बाद बदलने जा रहा है.


एक्सेम्प्शंस और डिडक्शन की नहीं होगी भरमार


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री निर्मला सीतारमण इसे सोमवार को लोकसभा में पेश कर सकती हैं. शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई यूनियन कैबिनेट की बैठक में इसे हरी झंडी दे दी गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए इनकम टैक्स कानून में 1961 के इनकम टैक्स एक्ट के तहत एक्जंप्शन और डिडक्शन की भरमार नहीं होगी. इसके टैक्स स्लैब बिल्कुल आसान तरीके से बने होने की संभावना है. इसे फाइल करने में भी कोई जटिलता नहीं होगी. यहां तक कि इसमें पन्ने और सेक्शन भी पहले की तुलना में आधे होंगे. नया इनकम टैक्स कानून पहले के कानून का संशोधन या सुधार नहीं होगा, बल्कि यह पूरी तरह से नया कानून होगा.


इसमें टैक्स ऑफिसर्स के लिए भी निगरानी से ज्यादा विश्वास की हिदायत दी गई होगी. भाषा और अपनाने दोनों के हिसाब से नया इनकम टैक्स कानून टैक्स पेयर्स के लिए बिल्कुल ही आसान होगा. फाइनेंस सेक्रेटरी तुहिन कांत पाडेय ने कहा है कि नया टैक्स लॉ किसी पर कोई भी नया टैक्स बर्डन नहीं डालेगा. इस बार बजट में इनकम टैक्स स्लैब के तहत जो बदलाव लाए गए हैं, वे पूरी तरह से से इसमें रिफ्लेक्ट करेंगे.


असेसमेंट ईयर नहीं चलेगा..टैक्स ईयर चलेगा 


नया टैक्स कानून आने के बाद पहले की टर्मिनोलॉजी ही पूरी तरह से बदल जाएगी. कई पुराने शब्द पूरी तरह से बदल जाएंगे. कहा जा रहा है कि इसके लागू होने के बाद असेसमेंट ईयर नहीं कहा जाएगा. उसके बाद केवल टैक्स ईयर कहा जाएगा. इसी तरह और भी शब्दों के बदलने क बात चल रही है. 


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