Pakistani public On Namaz: यूपी में योगी आदियानाथ की बीजेपी सरकार ने ईद और आखिरी जुमे के मौके पर सड़कों पर नमाज न पढ़ने का आदेश जारी कर दिया था. इसको लेकर विवाद भी हुए. इस मुद्दे को पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की मीडिया ने अपने टीवी चैनलों पर बढ़-चढ़ दिखाया. पाकिस्तानी मीडिया ने आरोप लगाया कि भारत अपने यहां रहने वाले मुसलमानों की आजादी छीन रहा है. इस मामले पर पाकिस्तानी यूट्यूबर शोएब चौधरी ने आवाम के बीच जाकर बात की. हालांकि, नमाज से जुड़े मुद्दे पर पाकिस्तानी शख्स ने ऐसा कमाल का जवाब दिया कि खुद पाकिस्तानी मीडिया शर्म के मारे पानी-पानी हो जाएगी.


 शोएब चौधरी ने शख्स से पूछा कि क्या भारत के यूपी में मुसलमानों को सड़कों पर नमाज न पढ़े दिए जाने का फैसला सही था. इस पर शख्स ने कहा कि ये सब बेकार की बाते हैं. तरीका ये है कि लोगों को मस्जिदों में ही नमाज अदा करनी चाहिए. हम मुसलमान साल भर जुमे (शुक्रवार) की नमाज मस्जिदों में करते हैं. कई लोग तो वो भी नहीं करते हैं, लेकिन जैसे ही कोई पर्व-त्योहार आ जाता है तो हमें नमाज पढ़ने की याद आने लगती है.


पाकिस्तानी शख्स ने कहा कि आप साल भर मस्जिद नहीं जाते हो तो आपको पता नहीं लगता है कि मस्जिदें छोटी हैं. इसके बाद जब ईद आता है तो आपको नमाज की याद आने लगती है. फिर आप लोग सड़कों पर इकट्ठा होकर नमाज अदा करने लग जाते हैं. अगर आप पूरे साल मस्जिदों में जाकर नमाज अदा करें तो आपको सड़कों पर पढ़ने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. अगर कोई मस्जिद छोटी है तो वो बड़ी बन जाएगी. अगर कहीं मस्जिद नहीं है तो दूसरी मस्जिद बन जाएगी



मेरठ और संभल का हाल
यूपी में स्थित मेरठ और संभल में नमाज को लेकर सख्त हिदायत जारी की गई थी. आदेशानुसार कहा गया था कि अगर मेरठ में कोई भी मुसलमान सड़कों पर नमाज पढ़ते हुए पाया गया तो उसका पासपोर्ट और लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा. संभल में कहा गया कि कोई भी सड़कों पर नमाज अदा नहीं करेगा और तो और घर की छतों पर भी नमाज पढ़ने पर पाबंदी लगा दी गई थी.