Shukra Pradosh Vrat 2026: जनवरी में दो शुक्र प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है. भगवान शिव और माता लक्ष्मी की कृपा पाने, वैवाहिक जीवन में मधुरता लाने, सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि करने, सभी रोगों और दोषों से मुक्ति पाने और आध्यात्मिक उन्नति के लिए शुक्र प्रदोष व्रत बहुत महत्व माना गया है. जनवरी में माघ महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष दोनों शुक्र प्रदोष व्रत की तारीख और पूजा मुहूर्त देखें.
पहला शुक्र प्रदोष व्रत – 16 जनवरी 2026
- तिथि – माघ महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 जनवरी को रात 8.16 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 16 जनवरी को रात 10.21 मिनट पर समाप्त होगी.
- प्रदोष काल मुहूर्त – शाम 5.21 – रात 8.00
दूसरा शुक्र प्रदोष व्रत – 30 जनवरी 2026
- तिथि – माघ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 30 जनवरी को सुबह 11 बजकर 09 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 31 जनवरी को सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगी.
- प्रदोष काल पूजा मुहूर्त – शाम 5.32 – रात रात 08.08
शुक्र प्रदोष व्रत विधि
- प्रदोष व्रत के दिन सुबह-सवेरे उठकर स्नान पश्चात भगवान शिव का ध्यान लगाकर प्रदोष व्रत का संकल्प लिया जाता है.
- व्रत की असल पूजा शाम के समय प्रदोष काल में संपन्न होती है. प्रदोष काल में पूजा करते हुए शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक किया जाता है.
- दही, शक्कर, दूध और शहद से भी अभिषेक करें. बेलपत्र, धतूरा, फल और फूल आदि अर्पित किए जाते हैं.
- भोग लगाएं, मंत्रों का उच्चारण करें. कथा का पाठ करें और फिर आरती के बाद सभी में प्रसाद बांटें.
शुक्र प्रदोष व्रत नियम
शुक्र प्रदोष व्रत में नमक का सेवन, मांसाहार, शराब, काले कपड़े पहनना, शिवलिंग पर तुलसी, सिंदूर, हल्दी, टूटे चावल चढ़ाना, क्रोध, झूठ बोलना और नकारात्मक विचार मन में नहीं लाना चाहिए.
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