डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जो तेजी से पांव पसार रही है. कई बार शुरुआत में इसका पता लग जाता है, तो कई ​स्थिति में कोई गंभीर समस्या होने पर इस बीमारी की जानकारी होती है. ऐसे में डायबिटिज की शुरुआत से पहले की​ ​स्थिति जिसे प्री डायबिटिक कहा जाता है, उसी दाैरान बाॅडी संकेत देना शुरू कर देती है. लेकिन हम नजरअंदाज कर देते हैं. अगर इन लक्षणों पर ध्यान दिया जाए ताे ​न सिर्फ आने वाली गंभीर हेल्थ प्राॅब्लम से बचा जा सकता है, ब​ल्कि ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी मदद मिल सकती है. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ लक्षण जो प्री डायबिटिक ​स्थिति के दाैरान देखने को मिल सकते हैं...


क्या है प्री डायबिटिक?


प्री-डायबिटीज का मतलब है कि बाॅडी में ब्लड शुगर का लेवल सामान्य से ज्यादा है, लेकिन इतना ज्यादा नहीं कि इसे टाइप 2 डायबिटीज माना जाए. यानी इसे डायबिटीज से पहले की ​स्थिति माना जा सकता है. ऐसी ​स्थिति में बाॅडी में कुछ आसान लक्षणों से आप इस बारे में पता लगा सकते हैं.


अ​धिक प्यास और बार-बार यूरिन आना


ये ऐसा लक्षण है, जो दिखता तो सामान्य है लेकिन ये बाॅडी में ब्लड शुगर बढ़ने का संकेत भी हो सकता है. बाॅडी में ब्लड शुगर का लेवल बढ़ने पर किडनी एक्सट्रा शुगर को यूरिन के रास्ते निकालने का प्रयास करती है. इससे बार-बार पेशाब जाना पड़ता है. जिससे बाॅडी को हाइड्रेट बनाए रखने के लिए प्यास में इजाफा हो सकता है.


​स्किन पर पैचेस


​स्किन पर पैचेस भी​ प्री डायबिटीज का संकेत हो सकते हैं. इस ​स्थिति को एकेंथोसिस निग्रिकेंस का जाता है, जिसमें ब्लड में इंसुलिन का लेवल हाई होने पर ​स्किन सेल्स तेजी से रीप्रोड्यूस होते हैं. इससे बाॅडी में बगल, गर्दन, कमर, कोहनी और घुटनों में डार्क पैचेस बनना शुरू हो जाते हैं.


धुंधला दिखना


बढ़ा हुआ ब्लड शुगर आंखों के लेंस की शेप में बदलाव और सूजन की वजह बन सकता है. इसके चलते धुंधला दिख सकता है. अगर ऐसे लक्षण दिखें तो समझ लेना चाहिए कि बाॅडी ब्लड शुगर को रेग्यूलेट करने में संघर्ष कर रही है.


हाथ पैरों में सुन्नपन


लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर लेवल बाॅडी को नुकसान पहुंचाता है. शरीर में ये डायबिटिक न्यूरोपैथी की वजह बन सकता है, जिसके चलते हाथ पैरों में सुन्नपन और झनझनाहट महसूस हो सकती है.


घाव का धीरे सही होना


बाॅडी में ग्लूकोज की मात्रा अ​धिक होने से शरीर के विभिन्न हिस्सों मंे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों पहुंचाने वाली वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है. इससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे घाव, छोटी चोटों को भी ठीक होने में सामान्य से अ​धिक समय लगता है.


थकान महसूस होना


बाॅडी में इंसुलिन की मात्रा बढ़ने से शरीर में एनर्जी के लिए ग्लूकोज को प्रोसेस्ड करने की प्रक्रिया पर असर पड़ता है. जिससे प्राॅपर आराम करने के बाद भी थकान महसूस हो सकती है.


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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.