Tamil Nadu News: तमिलनाडु के तंजावुर जिले में एक बड़ा संपत्ति घोटाला सामने आया है. सिंगापुर में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला की करीब 800 करोड़ रुपये की संपत्ति फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पने के आरोप में अन्नाद्रमुक (AIADMK) के एक पदाधिकारी सहित 12 लोगों के खिलाफ तंजावुर अपराध शाखा पुलिस ने मामला दर्ज किया है. इस घटना से जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है.













सिंगापुर निवासी परिवार की संपत्तियां तंजावुर में


सिंगापुर निवासी व्यवसायी शेख सिराजुद्दीन की तंजावुर जिले के नानजिकोट्टई, सिराजपुर नगर और चेंग्गिपट्टी इलाकों में कई कीमती संपत्तियां थीं. साल 2015 में उनके निधन के बाद उनकी पत्नी मुमैता बेगम (76) सिंगापुर में ही रहने लगीं. उम्र अधिक होने और विदेश में रहने के कारण उनके लिए भारत आकर संपत्तियों की देखरेख करना संभव नहीं था.


मुमैता बेगम की पहचान तंजावुर की रहने वाली श्रीविद्यासुमति से थी. उन्होंने संपत्तियों की देखभाल और सुरक्षा का भरोसा दिलाया. भरोसे में आकर मुमैता बेगम ने उन्हें जिम्मेदारी सौंप दी. आरोप है कि इसी विश्वास का गलत फायदा उठाकर श्रीविद्यासुमति ने AIADMK के केंद्रीय जिला अम्मा पेरवई के जिला अध्यक्ष केबल सेंथिल उर्फ सेंथिलकुमार और अन्य लोगों के साथ मिलकर साजिश रची.


फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और बिक्री विलेख तैयार


पुलिस के अनुसार, 2017 से 2022 के बीच मुमैता बेगम के नाम पर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी, बिक्री विलेख और अन्य दस्तावेज तैयार किए गए. इन दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण किया गया. कई दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर भी करवाए गए.


आरोप है कि चेंग्गिपट्टी और सिराजपुर इलाके में स्थित पेट्रोल पंप की जमीन AIADMK पदाधिकारी सेंथिलकुमार ने अपने रिश्तेदारों रेवती, मणिकंडन, आदित्य, कविता और सुजाता के नाम बेच दी. इसके अलावा चेन्नई के अलवारपेट और नानजिकोट्टई की जमीन को उपहार में देने के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर हड़प लिया गया.


बैंक खाते, चोरी और धमकियां


मामले में यह भी सामने आया है कि मुमैता बेगम के नाम पर तीन बैंकों में खाते खोलकर पैसों का लेन-देन किया गया. कुछ महीने पहले सिराजुद्दीन के घर का ताला तोड़कर वहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज, दोपहिया और चारपहिया वाहन, नकदी और गहने भी ले जाए गए. जब मुमैता बेगम ने सवाल किए तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी.


डर के कारण मुमैता बेगम पहले चुप रहीं, लेकिन बाद में परिवार के लोगों ने उन्हें हिम्मत दी. इसके बाद तंजावुर अपराध शाखा पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई. शिकायत में कुल 12 लोगों के नाम हैं. पुलिस ने इस मामले में 9 धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. 800 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में AIADMK पदाधिकारी का नाम आने से तंजावुर के राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मची हुई है.