भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड टैरिफ्स (Trade Tariffs) का सीधा असर अब भारत के एक्सपोर्ट पर साफ दिख रहा है। अगस्त 2025 में भारत का अमेरिका को एक्सपोर्ट लगातार तीसरे महीने गिरकर सिर्फ $6.7 बिलियन (₹58,816 करोड़) रह गया है, जो कि साल 2025 की सबसे बड़ी मंथली गिरावट मानी जा रही है। जुलाई में यह आंकड़ा $8 बिलियन और जून में $8.3 बिलियन था। हालांकि फार्मास्यूटिकल्स और स्मार्टफोन जैसे कुछ सेक्टर्स को टैरिफ से राहत मिली है, लेकिन टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, लेदर, श्रिम्प्स और कालीन जैसे क्षेत्रों पर भारी दबाव है। इनकी ग्लोबल डिमांड का 30% से 60% हिस्सा अमेरिका से आता है, जिससे इन उद्योगों पर सीधा असर पड़ा है। GTRI की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर यही स्थिति फाइनेंशियल ईयर 2026 तक बनी रही, तो भारत को ₹2.5 से ₹3 लाख करोड़ तक के एक्सपोर्ट नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। यह गिरावट न केवल भारत के व्यापार घाटे को बढ़ा सकती है, बल्कि MSMEs और लाखों नौकरियों पर भी संकट खड़ा कर सकती है।