Who Is At Risk Of Heart Attack In Winter: सर्दियों में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं और इसकी बड़ी वजह शरीर में होने वाले मौसमी बदलाव हैं. WHO के अनुसार, दुनियाभर में हार्ट से जुड़ी बीमारियां मौत की सबसे बड़ी वजह हैं. हार्ट अटैक तब होता है जब दिल की मांसपेशियों तक पर्याप्त मात्रा में खून नहीं पहुंच पाता. ज्यादातर मामलों में यह समस्या दिल की आर्टरीज में ब्लॉकेज के कारण होती है, जिससे दिल की मांसपेशियां धीरे-धीरे डैमेज होने लगती हैं.


ऐसा क्यों होता है


डॉक्टरों का कहना है कि हार्ट अटैक सालभर हो सकता है, लेकिन सर्दियों में इसका खतरा कई गुना बढ़ जाता है. एक्सपर्ट के अनुसार, ठंड के मौसम में हार्ट से जुड़े इमरजेंसी मामलों में साफ तौर पर बढ़ोतरी देखी जाती है. तापमान गिरने के साथ शरीर में फिजियोलॉजिकल बदलाव होते हैं और लाइफस्टाइल भी बदल जाती है, जो दिल पर अतिरिक्त दबाव डालती है.


सर्दियों में हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण वेसोकंस्ट्रिक्शन है. ठंड में शरीर गर्मी बनाए रखने के लिए ब्लड बेसल्स को सिकोड़ लेता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. इससे हार्ट को ज्यादा ताकत लगाकर खून पंप करना पड़ता है. जिन लोगों की आर्टरीज में पहले से ब्लॉकेज है या दिल कमजोर है, उनके लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है. इसके अलावा ठंड में खून गाढ़ा भी हो जाता है, जिससे थक्का बनने का खतरा बढ़ जाता है. ठंड के मौसम में लोग शारीरिक गतिविधियां भी कम कर देते हैं. एक्सरसाइज न करने से वजन बढ़ता है, ब्लड सर्कुलेशन कमजोर होता है और कोलेस्ट्रॉल लेवल बिगड़ सकता है. इसके साथ ही सर्दियों में तला-भुना और ज्यादा कैलोरी वाला खाना भी दिल की सेहत को नुकसान पहुंचाता है.


क्या कहते हैं एक्सपर्ट


इस बीच सांस से जुड़ी बीमारियां, जैसे फ्लू या वायरल इंफेक्शन, भी दिल के लिए खतरा बन सकती हैं. इनसे शरीर में सूजन बढ़ती है, जो धमनियों में जमी प्लाक को अस्थिर कर देती है और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है. सीनियर डॉ. श्राद्धेय कटियार ने इसको लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, उनके अनुसार "सर्दियों में हार्ट अटैक बढ़ने की वजह महज संयोग नहीं है. ठंड पड़ते ही शरीर हीट को बचाने के लिए सर्वाइवल मोड में चला जाता है. इससे ब्लड वेसल्स सिकुड़ती हैं, ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है और दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. ठंड में प्लेटलेट्स भी जल्दी चिपकने लगती हैं, जिससे थक्का बनने का खतरा और बढ़ जाता है."


 






किन लक्षणों को नहीं करना चाहिए नजरअंदाज


कुछ लोग सर्दियों में सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं. इनमें पहले से दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, स्मोकिंग की आदत वाले लोग और बुजुर्ग शामिल हैं. अगर इस मौसम में सीने में दर्द, सांस फूलना, अचानक कमजोरी, ज्यादा पसीना या चक्कर जैसे लक्षण दिखें, तो इन्हें गलती से भी नजरअंदाज न करें. समय पर जांच और इलाज ही हार्ट अटैक से बचाव का सबसे मजबूत तरीका है.


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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.