अग्निवीर योजना को शुरू हुए अब लगभग चार साल पूरे होने जा रहे हैं. जिस योजना को लेकर देशभर में बहस हुई, सवाल उठे और युवाओं के मन में कई तरह की शंकाएं रहीं, अब वही योजना अपने पहले पड़ाव पर पहुंच चुकी है. अग्निवीरों का पहला बैच जल्द ही चार साल की सेवा पूरी करेगा. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन युवाओं का आगे क्या होगा और उन्हें नौकरी कैसे मिलेगी.
सबसे पहले बात करें नौसेना के अग्निवीरों की, तो उनका चार साल का कार्यकाल इसी साल पूरा हो जाएगा. वहीं थल सेना के अग्निवीर अगले साल की शुरुआत में अपनी सेवा अवधि पूरी करेंगे. हरियाणा जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में युवा सेना, नेवी और एयरफोर्स में भर्ती होते हैं. दिल्ली से सटे होने के कारण हरियाणा से जुड़ी हर बड़ी राष्ट्रीय नीति पर यहां खास नजर रहती है. इसी कड़ी में अग्निवीरों के भविष्य को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से बातचीत की गई, जिसमें कई अहम बातें सामने आईं.
पसंद के अनुसार नौकरी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य सरकार अग्निवीरों के भविष्य को लेकर पूरी तरह तैयार है. उन्होंने बताया कि चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को उनकी पसंद के अनुसार नौकरी दी जाएगी. उन्होंने कहा हम 100 प्रतिशत अग्निवीरों को रोजगार देंगे. राज्य सरकार का यह पक्का वादा है.
जैसा कि पहले से तय है, चार साल की सेवा के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना में स्थायी रूप से शामिल किया जाएगा. लेकिन बाकी 75 प्रतिशत युवाओं के भविष्य को लेकर जो चिंता थी, उस पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उन्हें राज्य के अलग-अलग विभागों में नौकरी दी जाएगी. पुलिस, फायर डिपार्टमेंट, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट समेत कई विभागों में इन अग्निवीरों की सेवाएं ली जाएंगी.
बनाई जा रही अलग बटालियन
मुख्यमंत्री ने एक इंटरव्यू में बताया कि हरियाणा में फायर डिपार्टमेंट के तहत एक अलग बटालियन बनाई जा रही है. इसके लिए अलग से ट्रेनिंग सेंटर भी तैयार किया जाएगा. यह व्यवस्था राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी एनडीआरएफ की तर्ज पर होगी. इसमें भी अग्निवीरों को प्राथमिकता दी जाएगी. सरकार का मानना है कि सेना में प्रशिक्षण ले चुके अग्निवीर आपदा प्रबंधन और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में बेहतर काम कर सकते हैं.
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