India Proposes Retaliatory Duties: ट्रंप के टैरिफ के जवाब में भारत सरकार ने भी जवाबी शुल्क लगाने का फैसला किया है. इस बारे में बकायदा विश्व व्यापार संगठन को बताया प्रस्ताव की जानकारी दी गई है. इसके बाद सेब, बादाम, बौरिक एसिड, नाशपाती, स्टील और एल्युमिनियम पर असर होगा. समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, भारत के स्टील और एल्युमिनियम पर लगाए जा रहे भारी भरकम टैरिफ के जवाब में वाशिंगटन पर टैरिफ लगाया जाएगा. सोमवार को डब्ल्यूटीओ को नोटिस देकर भारत ने कहा कि वे अमेरिका के खास सामानों के ऊपर दी जा रही रियायतों को खत्म कर रहे हैं और उसके ऊपर आयात शुल्क बढ़ाया जाएगा.
भारत का जवाबी शुल्क
भारत की तरफ से कदम ऐसे वक्त पर उठाया गया है जब नई दिल्ली का कहना है कि अमेरिकी सरकार की संरक्षणवादी कदमों की वजह से भारत से अमेरिकी बाजार में निर्यात किए जा रहे करीब 7.6 बिलियन डॉलर पर पड़ा है.
गौरतलब है कि पहले कार्यकाल में राष्ट्रपति ट्रंप ने साल 2018 में इसी तरह की संरक्षणवादी नीति अपनाते हुए स्टील और एल्युमिनियम पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया था. गौरतलब है कि अमेरिका ने भारतीय स्टील और एल्युमिनियम के ऊपर 2018 के 25 प्रतिशत और 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जिसे 2020 के जनवरी में और बढ़ा दिया गया. इस साल फिर से अमेरिका ने स्टील और एल्युनियम के ऊपर टैरिफ को फिर से रिवाइज कर दिया, जो 12 मार्च 2025 से लागू हो गया. अमेरिका की तरफ से अब इसे बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया है.
भारत इस समय दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक देश है और लंबे समय से इस टैरिफ की चुनौतियों से जूझ रहा है. ऐसे में राष्ट्रपति ट्रंप के दोबारा इस पर टैरिफ बढ़ाने विश्व व्यापार संगठन ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक मतभेद और बढ़ने के संकेत दिए हैं.
एल्युमिनियम टैरिफ पर उभरे मतभेद
दोनों देशों के बीच ये मतभेद उस वक्त उभरा है जब नई दिल्ली और वाशिंगटन नए व्यापार समझौते को अमलीजामा पहना रहे थे. भारत ने अमेरिका की तरफ से स्टील और एल्युमिनियम पर लगाए जा रहे टैरिफ पर कटौती की मांग की थी, ताकि टैरिफ गैप की भरपाई हो पाए.
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