Waqf Amendment Bill 2025 : वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 संसद के दोनों सदन, लोकसभा और राज्यसभा, से पारित हो चुका है. यह विधेयक बुधवार (2 अप्रैल) को संसद के निचले सदन लोकसभा से 288 वोट की बहुमत के साथ पारित हुआ. वहीं, गुरुवार (3 अप्रैल) को संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में 128 सदस्यों के मत से पारित हो गया. दोनों ही सदनों में विपक्ष दलों के सदस्यों ने इस विधेयक का विरोध किया. यहां तक की इस विधेयक को संविधान का उल्लंघन तक कहा, लेकिन जोरदार विरोध के बीच ये वक्फ संशोधन बिल संसद से पारित हो गया.


कांग्रेस ने शुक्रवार (4 अप्रैल) को कहा कि वह संसद में पारित ‘वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025’ की संवैधानिकता को “बहुत जल्द” सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी. राज्यसभा ने वक्फ बोर्ड में पारदर्शिता बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण प्रावधानों वाले ‘वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को गुरुवार (3 अप्रैल) को मंजूरी दे दी. इसी के साथ संसद में यह विधेयक पारित हो गया.


जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया शेयर


अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “कांग्रेस वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 की संवैधानिकता को उच्चतम न्यायालय में बहुत जल्द चुनौती देगी.” उन्होंने कहा, “हम भारत के संविधान में निहित सिद्धांतों, प्रावधानों और परंपराओं पर मोदी सरकार के सभी हमलों का विरोध करते रहेंगे.”






CAA, RTI समेत कई मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जारी है सुनवाई


रमेश ने कहा कि कांग्रेस ने ‘नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) 2019’ को चुनौती दी, जिस पर उच्चतम न्यायालय में अभी सुनवाई जारी है. वहीं, ‘RTI (सूचना का अधिकार) अधिनियम, 2005’ में 2019 के संशोधनों को भी सुनवाई उच्चतम न्यायालय में जारी है.


इसके अलावा, कांग्रेस ने “निर्वाचन का संचालन नियम (2024)’ में संशोधनों की वैधता को चुनौती दी और “उपासना स्थल अधिनियम, 1991’ की मूल भावना को बनाए रखने संबंधी कांग्रेस की याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की जा रही है.”