America Tariff on China: अमेरिका ने चीन पर 104 परसेंट टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. अमेरिका में भेजे जाने वाले चीन के सामानों पर 20 परसेंट टैरिफ पहले से ही लगा था. इसके बाद चीन पर 34 परसेंट रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था, जिसे बढ़ाकर अब 84 परसेंट कर दिया गया है. यानी कि अमेरिका ने चीनी निर्यात पर कुल 104 परसेंट का टैरिफ लगा दिया है. इससे चीन की अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगने की उम्मीद जताई जा रही है. 


टैरिफ से चीन के ग्रोथ टारगेट में कमी


ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने चेतावनी देते हुए कहा है कि चीनी वस्तुओं पर 104 परसेंट टैरिफ लगने से यहां की अर्थव्यवस्था में 2.4 परसेंट तक की गिरावट आ सकती है. एक तरफ जहां चीन ने इस साल 5 परसेंट ग्रोथ का टारगेट रखा है, वहीं अगर अमेरिका के साथ व्यापार को लेकर तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो चीन अपने इस लक्ष्य को हासिल नहीं का पाएगा. गोल्डमैन सैक्स ने 4.5 परसेंट से कम ग्रोथ होने का अनुमान लगाया है. चीन पर यह टैरिफ आज से लागू हो गया है. 


चीनी आयात पर अमेरिका की निर्भरता


ट्रंप ने 2 अप्रैल को रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा करते वक्त कहा था कि अमेरिका अपने लगभग सभी ट्रेडिंग पार्टनर्स पर 10 परसेंट का बेसलाइन टैरिफ लगाने जा रहा है. अमेरिका के साथ व्यापार घाटा वाले देशों पर यह दर और भी ज्यादा होगी.


गोल्डमैन सैक्स ने यह भी बताया कि टैरिफ के आर्थिक प्रभाव को लेकर अभी दावे के साथ कुछ नहीं कहा सकता क्योंकि कई ऐसी चीजें हैं जिसका एकलौता सप्लायर चीन ही है. अमेरिका भी अपनी 70 फीसदी सप्लाई के लिए चीन पर निर्भर है, जो चीनी आयातों का लगभग एक तिहाई हिस्सा है. ऐसे में अमेरिका के लिए तुरंत किसी विकल्प को ढूंढ़ निकालना मुश्किल है. गोल्डमैन का कहना है कि चीनी वस्तुओं पर मौजूदा निर्भरता को देखते हुए हो सकता है कि इसमें कुछ कमी आए. 


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