ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पैगंबर मोहम्मद के प्रति प्रेम व्यक्त करने पर प्रतिबंध लगाने को लेकर सवाल उठाते हुए शुक्रवार (03 अक्टूबर, 2025) को कहा कि देश में 'आई लव मोदी' कहने की अनुमति है, लेकिन 'आई लव मोहम्मद' कहने पर विवाद क्यों होता है.


ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी जुलूस के दौरान कथित तौर पर 'आई लव मोहम्मद' लिखे बोर्ड लगाने को लेकर कुछ व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी का जिक्र करते हुए यह बात कही. हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ने आश्चर्य व्यक्त किया कि यह देश किस दिशा में जा रहा है.


AIMIM प्रमुख का सरकार से सवाल


AIMIM प्रमुख ने गुरुवार (02 अक्टूबर, 2025) को एक बैठक में कहा, ‘हम अपनी मस्जिद भी जाना चाहें तो वो उसे छीन लेना चाहते हैं. कोई भी ये कह सकता है कि 'मुझे मोदी से प्यार है', पर ये नहीं कह सकता कि 'मुझे मोहम्मद से प्यार है'. आप देश को किस दिशा में ले जाने की योजना बना रहे हैं?’


AIMIM प्रमुख ने यह स्पष्ट किया कि अगर कोई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए पोस्टर प्रदर्शित करता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी. उन्होंने एक मुसलमान के रूप में अपनी पहचान की पुष्टि करते हुए कहा कि वह पैगंबर मोहम्मद का अनुसरण करते हैं. यह विवाद नौ सितंबर को तब शुरू हुआ, जब कानपुर में पुलिस ने एक धार्मिक जुलूस के दौरान 'आई लव मोहम्मद' लिखे बोर्ड लगाने के आरोप में 24 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. 


सांसद जिया उर रहमान बर्क ने भी दी प्रतिक्रिया


बता दें कि गुरुवार को समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने भी इस विवाद को लेकर अपनी टिप्पणी दी थी. उन्होंने 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर का समर्थन किया है और कहा कि 'आई लव मोहम्मद' जैसे शब्दों में कुछ भी गलत नहीं है. इस पोस्टर से किसी की आस्था प्रभावित नहीं होती है और न ही इससे कोई गलत संदेश जाता है.


ये भी पढ़ें:- ओडिशा में जेल से फरार हुए हत्या के दो आरोपी, कर्मचारी मनाते रहे दशहरा