देश भर में मशहूर अन्ना यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने का सपना तो कई सारे स्टूडेंट्स देखते हैं लेकिन क्या आपको पता है यहां पर किन छात्रों को खास रिजर्वेशन मिलता है. अगर नहीं तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं.


अन्ना यूनिवर्सिटी में एडमिशन को लेकर हर साल छात्रों के मन में बड़ा सवाल रहता है कि आखिर किन स्टूडेंट्स को आरक्षण मिलता है और किसे प्रवेश में आसानी हो जाती है. यूनिवर्सिटी की तरफ से तमिलनाडु सरकार की सामुदायिक आरक्षण नीति के आधार पर स्पष्ट नियम जारी हैं, जिनमें बताया गया है कि कौन-से छात्र आरक्षण के पात्र हैं.


सबसे पहले यह जरूरी है कि उम्मीदवार भारतीय नागरिक हो और तमिलनाडु का मूल निवासी हो. वहीं केवल राज्य के मूल निवासी छात्रों को ही सामुदायिक आरक्षण का लाभ मिलेगा. विश्वविद्यालय ने सात कैटेगरी -OC, BC, BCM, MBC & DNC, SC, SCA और ST के तहत आरक्षण लागू किया है.


कौन सा सर्टिफिकेट जरूरी है?


आरक्षण का लाभ उठाने के लिए छात्रों को आवेदन करते समय अपना सामुदायिक प्रमाणपत्र जमा करना जरूरी है. केवल स्थायी कम्युनिटी कार्ड या डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित ई-सर्टिफिकेट ही स्वीकार किया जाएगा, जबकि साधारण पेपर फॉर्म वाले सर्टिफिकेट मान्य नहीं होंगे. साथ ही सर्टिफिकेट उसी जिले के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया होना चाहिए, जिससे छात्र संबंधित है.


अन्य राज्यों के छात्रों को आरक्षण नहीं


यूनिवर्सिटी ने यह भी साफ कर दिया है कि अन्य राज्यों के छात्रों को किसी भी तरह का सामुदायिक आरक्षण नहीं मिलेगा. ऐसे सभी छात्रों को ओपन कैटेगरी यानी OC में माना जाएगा. इसके अलावा अगर किसी समुदाय का संबंध किसी विशेष जिले से है, तो सर्टिफिकेट भी उसी जिले से जारी होना चाहिए. गलत जिले से जारी कम्युनिटी सर्टिफिकेट को मान्य नहीं माना जाएगा और ऐसे छात्रों को OC में शिफ्ट कर दिया जाएगा.

हालांकि, एक छूट भी है अगर कोई छात्र BC, MBC या DNC समुदाय से है और परिवार के साथ 28 अक्टूबर 2009 के बाद किसी नए जिले में शिफ्ट हुआ है, तो नए जिले से जारी सर्टिफिकेट स्वीकार किया जाएगा.

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