करेला का नाम सुनकर ही मुंह भी कड़वा हो जाता है, लेकिन ये औषधीय गुणों से भरपूर होता है. सिर्फ करेला खाने के ही फायदे नहीं हैं, बल्कि इसे लगाने के भी अलग फायदे हैं. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं. 


आयुर्वेद में भी करेले का जिक्र


करेला ब्लड को शुद्ध करने से लेकर विटामिन ए, बी और सी की पूर्ति शरीर में करता है. आयुर्वेद में करेले को 'करवेल्लक' कहा जाता है, जो दूषित रक्त, बढ़ी हुई ब्लड शुगर और कीड़ों तक को साफ करने की क्षमता रखता है. करेला पैनक्रियाज तक पहुंचने वाली शुद्धिकरण औषधि है, जो गहराई से ब्लड को पोषण देकर आंतों के कीड़े, घाव को भरने और स्किन की दिक्कतों को दूर करता है. साथ ही, शरीर को कई बीमारियों से राहत दिलाने की ताकत भी रखता है.


ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाओं के भी बेस्ट


करेला ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाओं के लिए भी दवा की तरह काम करता है, क्योंकि यह माताओं में दूध बनाने वाले हार्मोन का प्रॉडक्शन तेजी से करता है. हालांकि, इसका सेवन डॉक्टरों की सलाह के बाद ही करें. अगर शरीर पर किसी तरह के घाव हो गए हैं तो करेले का लेप दवा की तरह काम करता है. यह घाव को भरने में मदद करता है, घाव के इंफेक्शन को रोकता है और सूजन को कम करने में मदद करता है.


आंतों के लिए भी बेहद जरूरी


आंतों का डिटॉक्स होना बहुत जरूरी है. अगर आंतों में कई दिनों तक मल साफ नहीं होता है तो आंतों में कीड़े और बुरे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं. ऐसे में भूख कम लगती है, खाना खाते ही टॉयलेट जाना पड़ जाता है और खाया-पीया शरीर को लगता नहीं है. ऐसे में जूस या सलाद के रूप में करेले का सेवन कर सकते हैं. करेले के कड़वेपन को कम करने के लिए नमक लगाकर इसे कुछ घंटों के लिए रख दें. इससे करेला पानी छोड़ देगा और उसका कड़वापन भी कम हो जाएगा.


स्किन के लिए एकदम बेस्ट


अगर चेहरे पर एक्ने और मुंहासे बहुत होते हैं तो यह खून में गंदगी बढ़ने का संकेत है. ब्लड को साफ करने के लिए करेले के जूस का रोजाना सेवन करना लाभकारी होता है. यह ब्लड को साफ करके चेहरे पर निखार लाता है. साथ ही,  खुजली और रूखेपन से भी राहत देता है. करेला इन सभी मूल कारणों को संतुलित करता है. यह शरीर को खुद ठीक होने की शक्ति को लौटाता है.


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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.