ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने आंदोलन को समर्थन देते हुए ईरानी सेना से प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े होने की अपील की है. वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी है. हालिया हिंसा में हजारों लोगों की मौत के दावों के बीच स्थिति और तनावपूर्ण होती दिख रही है.
प्रदर्शनों पर रजा पहलवी का संदेश
निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने अपने संदेश में कहा कि दुनिया ने ईरानी जनता की आवाज और साहस को न केवल देखा-सुना है, बल्कि अब उस पर प्रतिक्रिया भी दे रही है. उन्होंने कहा कि लोगों ने शायद अमेरिका के राष्ट्रपति का संदेश भी सुन लिया होगा और 'मदद आ रही है.' पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से संघर्ष जारी रखने और शासन को यह भ्रम न फैलाने देने की अपील की कि हालात सामान्य हैं.
हिंसा और मौत के दावे
पहलवी ने कहा कि हालिया नरसंहारों के बाद जनता और मौजूदा शासन के बीच 'खून का सागर' बह चुका है. उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक 2400 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कथित अपराधों में शामिल लोगों के नाम दर्ज करने की अपील की, ताकि भविष्य में उन्हें उनके कृत्यों की सजा मिल सके.
सेना से खुली अपील
अपने संदेश में रजा पहलवी ने ईरानी सेना को संबोधित करते हुए कहा कि सेना ईरान की राष्ट्रीय सेना है, न कि इस्लामी गणराज्य की. उन्होंने कहा कि देशवासियों की जान की रक्षा करना सेना का कर्तव्य है और उनके पास ज्यादा समय नहीं है. पहलवी ने सैनिकों से जल्द से जल्द आंदोलन का हिस्सा बनने का आह्वान किया.
My compatriots,
The world has not just seen and heard your voice and courage, it is now responding.
By now, you have probably heard the message from the President of the United States. Help is on the way.
Continue the fight, as you have done so far.
Do not allow this regime… https://t.co/KfotmDo0br
— Reza Pahlavi (@PahlaviReza) January 13, 2026
ट्रंप के बयान से बढ़ी अंतरराष्ट्रीय हलचल
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरानी प्रदर्शनकारियों से आंदोलन जारी रखने की अपील की थी. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि 'ईरानी देशभक्तों, विरोध जारी रखो, अपने संस्थानों पर कब्जा करो. मदद रास्ते में है.' ट्रंप ने कथित अत्याचारों के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम संभालकर रखने की बात कही और चेतावनी दी कि उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.
बैठकों पर रोक और ‘MIGA’ का नारा
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है, जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्याएं बंद नहीं होतीं. इसके साथ ही उन्होंने 'MIGA' यानी 'Make Iran Great Again' का नारा दोहराया. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मदद किस तरह की होगी. जब इस पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इसका जवाब बाद में पता चलेगा.
हताहतों के आंकड़ों पर अनिश्चितता
ट्रंप ने यह भी कहा कि हाल के प्रदर्शनों में कितने लोगों की मौत हुई है, इसका सटीक आंकड़ा किसी के पास नहीं है. इस बीच ईरान में हालात को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हुई हैं और आने वाले दिनों में घटनाक्रम और तेज होने की आशंका जताई जा रही है.
