Operation Sindoor All Party Delegation: अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए केंद्र सरकार ने ऑल पार्टी प्रतिनिधिमंडल को विदेशों में भेजने का फैसला किया है. इस महीने के आखिरी में ये प्रतिनिधिमंडल अलग-अलग देशों में जाकर भारत का पक्ष रखेगा. इस डेलिगेशन के लिए कांग्रेस की ओर से शशि थरूर को शामिल किया गया है लेकिन कांग्रेस ने उनको इससे बाहर रखा है.


सूत्रों ने बताया कि जिस तरह पिछले दिनों पार्टी लाइन के खिलाफ अपनी बयानबाजी को लेकर थरूर विवादों में रहे. उसके बाद से पार्टी आलाकमान थरूर से बेहद नाराज चल रहा है. पार्टी के कई नेताओं ने उनका नाम इससे बाहर रखने के लिये आलाकमान से भी कहा था.


पार्टी सूत्रों के मुताबिक सरकार की तरफ से थरूर को भेजे जाने की पेशकश जरूर की गई, जिस पर कांग्रेस की तरफ से फिलहाल साफ किया गया था कि कांग्रेस के सदस्यों को चुनना उसका फैसला है, जिसे पार्टी नेतृत्व तय करेगा. और अब जो नाम दिये गए हैं उसमें शशि थरूर का नाम शामिल नहीं है.


सरकार की ओर शामिल सदस्यों के नाम 


केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में, भारत एकजुट है. सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करेंगे, जो आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस के हमारे साझा संदेश को लेकर जाएंगे. राजनीति से ऊपर, मतभेदों से परे राष्ट्रीय एकता का एक शक्तिशाली प्रतिबिंब. सरकार ने कांग्रेस के शशि थरूर, बीजेपी के रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, शरद पवार की एनसीपी से सुप्रिया सुले, एकनाथ शिंदे की शिवसेना से श्रीकांत शिंदे, डीएमके से कनीमोझी और जेडीयू से संजय कुमार झा को शामिल किया है.




कांग्रेस ने दिए ये नाम 


कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने बताया, "कल सुबह संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से बात की और पाकिस्तान से आतंकवाद पर भारत का रुख स्पष्ट करने के लिए विदेश भेजे जाने वाले प्रतिनिधिमंडल के लिए 4 सांसदों के नाम पेश करने को कहा. वो 4 नाम इस तरह हैं-
1. आनंद शर्मा
2. गौरव गोगोई
3. डॉ. सैयद नसीर हुसैन
4. राजा बरार.






सरकार ने बनाई ये योजना


सरकार के इस डेलिगेशन में करीब 40 सांसद शामिल हैं, जिन्हें सात क्षेत्रीय समूहों में बांटा जाएगा. हरएक ग्रुप में 7-8 सदस्य शामिल होने की उम्मीद है और वे 22-23 मई से शुरू होने वाली 10-दिवसीय अवधि में चार से पांच देशों का दौरा करेंगे. प्रतिनिधिमंडल के साथ विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के भी जाने की उम्मीद है.


ये भी पढ़ें: 'मुझे रात 2.30 बजे असीम मुनीर का कॉल आया...', शहबाज शरीफ ने खुद बताया ऑपरेशन सिंदूर में कहां-कहां हुआ नुकसान