Pakistan: पाकिस्तान की इकोनॉमी किस हाल में है यह बात अब किसी से छिपी नहीं है. खुद पाकिस्तान को भी पता है कि उसकी दौड़ कहां तक है. बावजूद इसके बड़ी-बड़ी डींगे हांकने से पाकिस्तान कभी पीछे नहीं रहता है. इस क्रम में अभी पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का एक बयान तेजी से वायरल हो रहा है, जो दिन में ख्वाब देखने जैसा है. 


दिन में सपना देख रहा पाकिस्तान 


दरअसल, बीते मंगलवार को जियो न्यूज के एक प्रोग्राम में ख्वाजा आसिफ ने बताया कि अगले छह महीनों में पाकिस्तान को इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) से मदद की जरूरत नहीं पड़ेगी. जियो टीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' के साथ भारत के साथ हुई झड़प के बाद पाकिस्तान को एयरक्राफ्ट के लिए मिलने वाले ऑर्डर बढ़े हैं. प्रोग्राम में अजीबोगरीब दावा करते हुए आसिफ कह बैठे कि मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुई जंग के दौरान पूरी दुनिया ने पाकिस्तान के संकल्प और उसकी सेना की ताकत को देखा.


भारतीय सेना के आगे पस्त पाकिस्तान 


हकीकत यह है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारत ने पाकिस्तान को धूल चटा दी थी. इसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. मुरीदके, बहावलपुर और लाहौर के पास पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकाने पूरी तरह से ध्वस्त कर दिए गए. ये वही ठिकाने थे, जहां जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आंतकियों को ट्रेनिंग दी जाती थी.


इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए. मुसाफ, नूरखान और भोलारी जैसे पाकिस्तान के 11 एयरबेस को भी नुकसान पहुंचा. 6 पाकिस्तानी फाइटर जेट और 2 AWACS (एयरबोर्न वॉर्निंग सिस्टम) और एक C-130 ट्रांसपोर्ट वाहन भी इस दौरान तबाह हुए. इससे समझा जा सकता है कि भारतीय सेना और भारत के डिफेंस सिस्टम के आगे पाकिस्तान की एक नहीं चली, लेकिन लगता है कि ख्वाजा आसिफ हकीकत से कोसों दूर हैं. 


कहां से आ रहा इतना कॉन्फिडेंस? 


दरअसल, हाल ही में बांग्लादेश के वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल मार्शल हसन महमूद पाकिस्तान पहुंचे और इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान से जेएफ-17 ब्लॉक-3 लड़ाकू विमान खरीदने में दिलचस्पी दिखाई.


इसके अलावा, दो पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच भी लगभग 2 बिलियन डॉलर के कर्ज को JF-17 फाइटर जेट डील में बदलने के लिए बातचीत की भी खबरें हैं. शायद इन्हीं के बलबूते पाकिस्तान में ओवर-कॉन्फिडेंस की साफ झलक देखने को मिल रही है. 


IMF के भरोसे पाकिस्तान की इकोनॉमी


अपने देश की कमजोर होती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पाकिस्तान ने एक बार नहीं, बल्कि कई बार इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के आगे हाथ फैला चुका है. पाकिस्तान पर 7.41 अरब डॉलर का कर्ज है, जिसके चलते यह दुनिया के सबसे कर्जदार देशों में से तीसरे नंबर पर है. पहले नंबर पर अर्जेंटीना और दूसरे नंबर पर यूक्रेन है.


सितंबर 2024 में IMF ने अपनी एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) के तहत पाकिस्तान के लिए 7 बिलियन डॉलर के बेलआउट को मंजूरी दी थी. इसके बाद मई 2025 में अपने क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड के तहत 1.4 बिलियन डॉलर का अलग से लोन दिया गया। इसका मकसद देश की आर्थिक स्थिरता और क्लाइमेट रेजिलिएंस को मजबूत करना था.


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