लद्दाख में पूर्ण राज्य की मांग को लेकर हुई हिंसा में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को लेकर देशभर में चर्चा है. पुलिस का कहना है कि वांगचुक का पाकिस्तान दौरा संदिग्ध था. अब सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने इन आरोपों का खंडन किया है. 


गीतांजलि ने लद्दाख पुलिस के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि सोनम वांगचुक का संपर्क एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट से था. उनकी ये प्रतिक्रिया उस समय आई, जब लद्दाख के DGP ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने एक पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति (PIO) को गिरफ्तार किया है, जो सोनम वांगचुक के संपर्क में था.


सोनम वांगचुक को लेकर क्या बोलीं पत्नी?

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान गीतांजलि ने कहा कि उन्होंने और वांगचुक ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और एक पाकिस्तानी मीडिया संस्थान की ओर से आयोजित एक जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में भाग लिया था. पाकिस्तान खुफिया एजेंट का आरोप पूरी तरह से झूठ और गलत है और वह इसकी कड़ी निंदा करती हैं.


उन्होंने कहा, 'यह एक साजिश है, जिससे किसी को फंसाने की कोशिश की जा रही है. जब केंद्र शासित प्रदेश की सरकार चीनी टैबलेट खरीद रही थी, तब वांगचुक चीन से लड़ने की बात कर रहे थे, लेकिन बंदूक से नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से (वॉलेट से), तो ऐसा व्यक्ति देशद्रोही कैसे हो सकता है?'


 






गृह मंत्रालय से गीतांजलि ने मांगे सबूत


गीतांजलि ने सम्मेलन को लेकर बताया, 'फरवरी में हम एक सम्मेलन में गए थे, जिसे संयुक्त राष्ट्र और पाकिस्तानी मीडिया 'डॉन' ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर आयोजित किया था. अगर भारत चीन के साथ क्रिकेट खेलता है तो क्या खिलाड़ी देशद्रोही हो जाते हैं?' 


गीतांजलि ने कहा, 'यह सम्मेलन ग्लेशियरों पर था जो बांग्लादेश से अफगानिस्तान तक कई देशों को पानी प्रदान करते हैं. अगर कोई ऐसे सम्मेलन में हिस्सा लेता है तो क्या वह ISI एजेंट बन जाएगा, इसका सबूत क्या है? वे कह रहे हैं कि कोई पाकिस्तानी यहां आया था तो गृह मंत्रालय (MHA) को इसका जवाब देना चाहिए.'


सोनम वांगचुक के 'राष्ट्रविरोधी' आरोप को लेकर पलटवार


लद्दाख के पुलिस महानिदेशक (DGP) की ओर से कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 'राष्ट्रविरोधी' कहे जाने के आरोपों को लेकर गीतांजलि ने पलटवार करते सवाल खड़ा किया कि अगर वह 'राष्ट्रविरोधी' हैं तो सरकार ने उन्हें सोलर हीटेड बिल्डिंग्स और आइस स्तूप (Ice Stupas) के लिए सम्मानित क्यों किया?


उन्होंने कहा, 'सोनम वांगचुक ने पर्यावरण के लिए, सेना के लिए, युवाओं के लिए जमीनी स्तर पर काम किया, अपना करियर इन सामाजिक कार्यों को समर्पित कर दिया और पूरी दुनिया में उन्हें मान्यता मिली.' सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, 'जब आर.के. सिंह ऊर्जा मंत्री थे, HIAL (हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख) को सौर ऊर्जा से गर्म होने वाली इमारतों के लिए पहला पुरस्कार दिया था, जिन्हें आज सेना इस्तेमाल कर रही है तो क्या उस समय सरकार अंधी थी?'


गीतांजलि का सरकार से सवाल


उन्होंने पूछा, 'क्या उन्हें यह नहीं दिख रहा कि वे उसी व्यक्ति को पुरस्कार दे रहे हैं, जिसे अब वे 'राष्ट्रविरोधी' बता रहे हैं? जनजातीय मामलों के मंत्री ने आइस स्तूप के लिए उन्हें सम्मानित किया, क्या तब उन्हें नहीं लगा कि यह देश के खिलाफ है? क्या उनकी खुफिया व्यवस्था इतनी कमजोर है?'


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