एक भारतीय-अमेरिकी प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ और प्रजनन स्वास्थ्य सलाहकार ने बुधवार (14 जनवरी) को इस सवाल का सीधा और स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया कि क्या आदमी भी प्रेगनेंट हो सकते हैं. सीनेटर जोश हॉली और डॉ. निशा वर्मा के बीच ये बहस डर्कसेन सीनेट कार्यालय भवन में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हेल्प कमेटी की सुनवाई के दौरान हुई.


सीनेट की स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम और पेंशन समिति के समक्ष गवाही देते हुए डॉ. वर्मा ने कहा कि गर्भपात की दवाओं का व्यापक अध्ययन किया गया है और दशकों से इनका सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि राजनीति से प्रेरित प्रतिबंध नुकसान पहुंचा रहे हैं. उन्होंने सांसदों से कहा, "दवाओं द्वारा गर्भपात का गहन अध्ययन किया गया है और 100 से अधिक अध्ययनों में इसे सुरक्षित और प्रभावी पाया गया है." उन्होंने यह भी बताया कि साल 2000 में इनकी मंजूरी के बाद से अमेरिका में 75 लाख से अधिक लोग इन दवाओं का उपयोग कर चुके हैं.


सीनेटर हॉली ने क्या पूछा
सीनेटर हॉली ने वरिष्ठ सलाहकार डॉ. वर्मा से पूछा, "क्या आदमी प्रेगनेंट हो सकते हैं?" डॉ. निशा वर्मा: "मुझे ठीक से नहीं पता कि इस सवाल का मकसद क्या है." डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से गवाह के तौर पर पेश हुईं वर्मा हिचकिचाईं और कहा कि वो कई लैंगिक पहचान वाले मरीजों की देखभाल करती हैं. उन्होंने हां या ना में सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा, "मैं उन लोगों की भी देखभाल करती हूं जो खुद को महिला नहीं मानते."






हॉली ने कहा, "अन्य वेबसाइट पर आपको विशेषज्ञ बताया जाता है. आप डॉक्टर हैं और विज्ञान के प्रमाणों के आधार पर बात करती हैं. मैं बस प्रमाणों के आधार पर जानना चाहता हूं कि क्या आदमी प्रेगनेंट हो सकते हैं? यह हां या ना का प्रश्न है." उन्होंने आगे कहा, "मैं ऐसा नहीं कर रहा हूं मैं एक उत्तर तक पहुंचने की कोशिश कर रहा हूं. मैं स्पष्ट रूप से एक चिकित्सक और वैज्ञानिक के रूप में आपकी सत्यता की जांच कर रहा हूं, क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं?"


गर्भपात की दवाओं से जुड़ा है मामला
उन्होंने आगे कहा कि आप इस बुनियादी सच्चाई को भी स्वीकार नहीं करते कि जैविक रूप से आदमी प्रेगनेंट नहीं होते. जैविक रूप से पुरुष और महिला में अंतर होता है. मुझे नहीं पता कि हम विज्ञान के जानकार होने के आपके दावों को गंभीरता से कैसे ले सकते हैं. हॉली ने आगे कहा कि हम यहां महिलाओं की सुरक्षा के बारे में बात करने आए हैं. विज्ञान यह दर्शाता है कि गर्भपात की दवा 11 प्रतिशत मामलों में प्रतिकूल स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करती है. 


डॉक्टर वर्मा ने कहा कि मैं विज्ञान से जुड़ी हूं और मैं यहां अपने मरीजों के जटिल अनुभवों का प्रतिनिधित्व करने के लिए भी हूं. मुझे नहीं लगता कि ये आपकी पोलराइज्ड भाषा या सवाल उस लक्ष्य को पूरा करते हैं.


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