जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क शहर का पहला मुस्लिम मेयर और 1917 के बाद सबसे कम उम्र का मेयर बनकर इतिहास रच दिया है. हालांकि आलोचक उनकी जीत को लेकर सवाल उठा रहे हैं. एक एक्स यूजर ने दावा किया कि वे न्यूयॉर्क शहर आए और वहां का नागरिक न होने के बावजूद ममदानी को अवैध रूप से वोट दिया. इसे लेकर अमेरिकी सीनेट के लिए चुनाव लड़ रहे टेक्सास के एक रिपब्लिकन नेता ने जोहरान ममदानी पर निशाना साधा है.
यजान नाम के एक एक्स यूजर ने एक बैलेट की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, " मैं दो दिन पहले न्यूयॉर्क शहर पहुंचा. मैं न तो अमेरिकी नागरिक हूं और न ही वहां का निवासी. इसके बावजूद मैं जल्दी पहुंचकर वोट देने में कामयाब रहा. उन्हें बस एक पते की जरूरत थी, तो वो मैंने बता दिया और ममदानी को वोट दिया. चलो न्यूयॉर्क चलते हैं."
रिपब्लिकन नेता अलेक्जेंडर डंकन ने साधा निशाना
बता दें कि ये पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. कई लोगों ने ममदानी की कड़ी आलोचना की, जिनमें अलेक्जेंडर डंकन भी शामिल हैं. वो 2026 में टेक्सास से अमेरिकी सीनेट के लिए चुनाव लड़ेंगे. डंकन ने लिखा, "यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे चुनाव चुराए जाते हैं. उनका आदमी खुलेआम शेखी बघार रहा है कि वह दो दिन पहले ही न्यूयॉर्क शहर में आया है और वह वहां का निवासी या नागरिक नहीं है, फिर भी वह जिहादी ममदानी के लिए वोट डालने में सक्षम है."
लोगों ने बताया धोखाधड़ी
यजान की पोस्ट को लेकर कमेंट सेक्शन में एक व्यक्ति ने लिखा, "यह वोटिंग धोखाधड़ी है". एक अन्य ने लिखा, "लगता है आपने क़ानून तोड़ा है. मुझे यकीन है कि अधिकारियों को इसकी सूचना ज़रूर दी जाएगी." एक यूज़र ने पूछा, "एक गैर-नागरिक को वोट देने की इजाज़त क्यों दी जाएगी?" जबकि एक अन्य ने कहा, "आपको देश से निकाल देना चाहिए."
क्या है पूरा सच
हालांकि यजान ने एक दूसरी पोस्ट में बताया कि वोट देने की उनकी पोस्ट सिर्फ मजाक थी. 29 अक्टूबर को एक अन्य यूजर की पोस्ट शेयर करते हुए यजान ने लिखा, "वैसे यह एक मज़ाक है. मैंने यहीं से यह तस्वीर ली है. चुनावों की वैधता पर संदेह करने वाला कोई भी व्यक्ति मूर्ख है." वोट देने की सुविधा पर यजान की पिछली पोस्ट के साथ एक कम्युनिटी नोट भी है जो एक्स यूजर्स को उनकी पोस्ट पर रीडायरेक्ट करता है और स्पष्ट करता है कि यह एक मज़ाक था. नोट में लिखा है, "यजान ने यहां जो बताया है, वह पोस्ट एक मज़ाक है."
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