सीनियर एडवोकेट और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष कपिल सिब्बल को वकीलों ने सम्मानित किया है. कपिल सिब्बल के नेतृत्व में एससीबीए ने करीब 45 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिसका इस्तेमाल मेडिकल इंश्योरेंस और वकीलों के लिए अन्य आर्थिक लाभों में किया जाएगा. कपिल सिब्बल ने कहा कि बिजनेसमैन मुकेश अंबानी से लेकर टोरंट ग्रुप तक किसी ने उन्हें मना नहीं किया.
SCBA के अनुसार कॉर्पोरेशन सोशल रिस्पोंस्बिलिटी (CSR) इनिशिएटिव के तहत 43 करोड़ 43 लाख 50 हजार रुपये इकट्ठा किए गए हैं. कॉर्पोरेशन सोशल रिस्पोंस्बिलिटी इनिशिएटिव SCBA अध्यक्ष के चुनाव के दौरान कपिल सिब्बल के कैंपेन का हिस्सा था. सुप्रीम कोर्ट परिसर के अंदर फ्राइडे ग्रुप ने कपिल सिब्बल को सम्मानति किया क्योंकि उनके नेतृत्व में इतनी बड़ी रकम इकट्ठा की जा सकी है. फ्राइडे ग्रुप सुप्रीम कोर्ट के वकीलों का एक समूह है.
कपिल सिब्बल ने कहा कि ये राशि उनके लिए नहीं बल्कि फैमिली यानी पूरे बार के लिए है, जिसका वह खुद भी हिस्सा हैं. उन्होंने बताया कि एससीबीए का अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने इंश्योरेंस से जुड़े शख्स से पूछा कि एक ऐसी स्कीम के लिए कितनी राशि की जरूरत होगी, जो वकीलों के पूरे जीवन को कवर करे तो उन्हें बताया गया कि 120 करोड़ की आवश्यकता होगी. कपिल सिब्बल ने कहा कि तब उन्होंने खुद से कहा कि वह 60 करोड़ रुपये जुटाएंगे.
कपिल सिब्बल ने बताया कि जब उन्होंने अपने दोस्तों से इस बारे में बात की तो किसी ने उन्हें मना नहीं किया. मुकेश अंबानी से टोरंट ग्रुप तक हर कोई योगदान के लिए आगे आया. उन्होंने यह भी बताया कि 50 करोड़ का लक्ष्य लगभग पूरा होने वाला है और 45 करोड़ रुपये आ चुके हैं, जबकि अप्रैल के अंत तक और राशि आएगी. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य 60 करोड़ रुपये जुटाना है.
कपिल सिब्बल ने बताया कि उनका लक्ष्य है कि वह वकीलों के लिए स्थायी बीमा योजना बनाएं. उन्होंने कहा कि बाकी की राशि के लिए उन्होंने मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना से भी चर्चा की. सीजेआई ने उनसे कहा कि वह सरकार से इस बारे में बात करेंगे. कपिल सिब्बल ने अपनी स्पीच के अंत में कहा, 'मुझे बधाई देने वाला इसमें कुछ नहीं है क्योंकि ये मेरा कर्तव्य है. आपके सौहार्द, समर्थन और ऐसा होने के लिए आपको बधाई देता हूं'.
फ्राइडे ग्रुप के फाउंडर एडवोकेट जी सेशागिरी ने देशभर की अदालतों में ऐसी पहलों को दोहराने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट और जिला अदालतों में भी ऐसी पहलों को शुरू किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य की बार एसोसिएशन को भी बार और वकीलों के वेलफेयर के लिए इस तरह के काम करने चाहिए.
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