अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने कानपुर स्थित अडानी डिफेंस और एयरोस्पेस साइट का दौरा किया. इस दौरे के बाद उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वे अडानी टीम के शानदार इनोवेशन और भारत की डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता के प्रति उनकी "अटूट प्रतिबद्धता" को देखकर प्रेरित हुए है. उन्होंने लिखा, "आत्मनिर्भर भारत की बेहतरीन मिसाल! हमारा लक्ष्य है कि हम एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए लगातार सीमाओं को पार करते रहें."


सैन्य आयात पर निर्भरता कम करना है


भारत का सपना है कि वह डिफेंस और एयरोस्पेस के क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष 5 देशों में शामिल हो. इसके लिए देश ने सैन्य आयात पर निर्भरता कम करने, स्वदेशी निजी रक्षा कंपनियों के जरिए रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने और उन्नत बुनियादी ढांचे को विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं.






यह सब उन वीरों के लिए है जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं. अडानी डिफेंस और एयरोस्पेस ने रक्षा और एयरोस्पेस उत्पादन के क्षेत्र में कदम रखा है, ताकि भारत को विश्व स्तरीय रक्षा और एयरोस्पेस उत्पादन का केंद्र बनाया जा सके. यह पहल 'मेक इन इंडिया' के उद्देश्यों के साथ पूरी तरह से जुड़ी हुई है.


डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता


सरकार ने स्वदेशी डिजाइन, विकास और रक्षा उपकरणों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत उपाय और सुधार शुरू किए हैं. इससे रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बल मिला है. रक्षा और एयरोस्पेस उत्पादन में भारी निवेश किए जा रहे हैं, और कई रक्षा हब स्थापित किए गए हैं. साथ ही, कई वैश्विक कंपनियों ने भारत के साथ महत्वपूर्ण रक्षा और एयरोस्पेस ज्ञान साझा करने की इच्छा जताई है.


भारत के रक्षा निर्यात ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में रिकॉर्ड 21,083 करोड़ रुपये (लगभग 2.63 अरब डॉलर) का आंकड़ा छू लिया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के 15,920 करोड़ रुपये से 32.5% अधिक है. गौरतलब है कि पिछले एक दशक में रक्षा निर्यात में 31 गुना वृद्धि हुई है. वहीं, भारत में रक्षा उत्पादन का कुल मूल्य भी पिछले वित्तीय वर्ष में 17% बढ़कर 1,26,887 करोड़ रुपये हो गया है.


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