भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार (6 नवंबर, 2025) को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की ‘कांग्रेस का मतलब मुसलमान’ वाले बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी की आलोचना की. BJP ने कहा कि विपक्षी दल ने इस बात को खुलेआम स्वीकार कर लिया है कि वह जिन्नावादी है और शरिया को संविधान से ऊपर रखती है.


इससे पहले केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने तेलंगाना में हाल में पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन को राज्य मंत्रिपरिषद में शामिल किए जाने का विरोध किया था.


आखिर सीएम रेड्डी ने क्या दिया था बयान


दरअसल, हैदराबाद में जुबली हिल्स विधानसभा उपचुनाव के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने गुरुवार (6 नवंबर, 2025) को केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी की आलोचना की और कहा कि केवल कांग्रेस ही अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों को बड़े पद देती है. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस का मतलब मुसलमान और मुसलमान का मतलब कांग्रेस है.’


सीएम रेवंत रेड्डी के बयान पर भाजपा ने किया पलटवार


मुख्यमंत्री रेड्डी की टिप्पणी पर हमला करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, ‘रेवंत रेड्डी ने उस बात को खुले तौर पर स्वीकार किया है जो हम बहुत लंबे समय से जानते हैं. यह आईएनसी (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस) नहीं है, यह जेडब्ल्यूसी यानी जिन्नावादी कांग्रेस है.’ उन्होंने कहा, ‘आज यह खुलेआम स्वीकार कर लिया गया है.’


पूनावाला ने आरोप लगाया कि इसी मानसिकता के कारण कांग्रेस बार-बार कहती रही है कि मुसलमान पहले, शरिया पहले, वोट बैंक पहले, न कि संविधान पहले और भारत पहले.


SC-ST-OBC का आरक्षण काटकर अपने वोट बैंक को देना चाहती है कांग्रेस- पूनावाला


भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘यही कांग्रेस का असली चेहरा है. वह असल में सिर्फ अपने वोट बैंक की सेवा कर रही है. वह वोट बैंक और शरिया को संविधान से ऊपर रखती है.’ उन्होंने कहा, ‘यही वह मानसिकता है जिसके कारण कांग्रेस ओबीसी, एससी, एसटी के आरक्षण में कटौती कर अपने पसंदीदा वोट बैंक को देना चाहती है. उसने कर्नाटक और तेलंगाना में ऐसा किया है.’


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