MEA on Indus Water Treaty with Pakistan: भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है. भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि सीजफायर के बाद भी पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता फिलहाल स्थगित ही रहेगा. MEA ने कहा कि भारत सिंधु जल समझौते को तब तक स्थगित रखेगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पर आतंकवाद के लिए अपना समर्थन बंद नहीं कर देता.


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "संधि की प्रस्तावना में निर्दिष्ट सद्भावना और मैत्री की भावना से सिंधु जल समझौते को बंद किया गया था. हालांकि, पाकिस्तान ने दशकों से सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देकर इन सिद्धांतों को ताक पर रख दिया है. अब 23 अप्रैल के कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के निर्णय के अनुसार, भारत संधि को तब तक स्थगित रखेगा जब तक कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से त्याग नहीं देता."


भारत का पक्ष है पाकिस्तान के साथ किसी भी मुद्दे को द्विपक्षीय तरीके से हल करना- MEA


उन्होंने कहा, "हमारा लंबे अरसे से यही राष्ट्रीय पक्ष रहा है कि भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर से संबंधित किसी भी मुद्दे को भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय तरीके से ही हल करना है. इस नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है. जैसा कि आप जानते हैं, लंबित मामला केवल पाकिस्तान की ओर से अवैध रूप से कब्ज़ा किए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करना है."


ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की ताकत को किया कम- रणधीर जायसवाल


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "पिछले सप्ताह ऑपरेशन सिंदूर के परिणामस्वरूप पाकिस्तान ने बहावलपुर, मुरीदके, मुजफ्फराबाद और अन्य स्थानों पर अपने आतंकवादी केंद्रों को नष्ट होते देखा है. इसके बाद, हमने उसकी सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक कम कर दिया और प्रमुख एयरबेसों को प्रभावी रूप से निष्क्रिय कर दिया. यदि पाकिस्तानी विदेश मंत्री इसे उपलब्धियों के रूप में पेश करना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है."






भारत की जवाबी कार्रवाई से बदले पाकिस्तान के सुर- रणधीर जायसवाल


रणधीर जायसवाल ने कहा, “जहां तक ​​भारत का सवाल है, हमारा रुख शुरू से ही स्पष्ट और सुसंगत था. हम पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाएंगे. यदि पाकिस्तानी सेना इससे बाहर रहती तो कोई समस्या नहीं होती. शुक्रवार (9 मई) की रात तक पाकिस्तान भारत को बड़े हमले की धमकी दे रहा था और शनिवार (10 मई) की सुबह जब उनका प्रयास विफल हो गया और उन्हें भारत की ओर से विनाशकारी जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ा तो उनके सुर बदल गए और उनके डीजीएमओ ने आखिरकार हमसे संपर्क किया."