Asaduddin Owaisi AIMIM: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है. उन्होंने खुद यह जानकारी ट्रंप से मिलकर दी. इससे पहले पाकिस्तान आर्मी के चीफ आसिम मुनीर ने भी ट्रंप को नोबेल देने की पैरवी की थी. इस मामले पर एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने गुस्सा जाहिर करते हुए नेतन्याहू को भगौड़ा कह दिया है.


ओवैसी ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है. उन्होंने लिखा, ''पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू, दोनों का मानना ​​है कि डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाना चाहिए. मुनीर भारत में आतंकवाद का एक प्रमुख एक्सपोर्टर है और नेतन्याहू अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय का भगौड़ा है, जिसने खुलेआम फिलिस्तीनियों का नरसंहार किया है. दोनों को अमेरिका का समर्थन मिला हुआ है.'' 


नोबेल के नॉमिनेट होने के बाद क्या था ट्रंप का पहला रिएक्शन


इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोमवार रात व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने ट्रंप को नोबेल के लिए नॉमिनेट किया. अचानक नेतन्याहू की ओर से किए गए ऐलान से ट्रंप हैरान हो गए और मुस्कुराते हुए कहा, ''मुझे तो मालूम ही नहीं था''.


ट्रंप खुद के लिए पहले ही कर चुके थे नोबेल प्राइज की मांग


डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद दावा किया था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवा दिया. अहम बात यह है कि ट्रंप ने इसी बात को कई बार दोहराया था. ट्रंप ने इसके बाद कहा था कि मैंने कई युद्ध रुकवाए हैं और मुझे नोबेल प्राइज मिलना चाहिए, लेकिन यह मुझे नहीं मिलने वाला है.