Reliance Russian Oil Import: अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें बताया गया था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी में रूस से तीन जहाजों में लादकर क्रूड ऑयल भेजे गए हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इसे गलत करार दिया है.
रिलायंस ने दी सफाई
कंपनी ने अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट पर कहा, ''रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी में बीते लगभग तीन हफ्तों से रूसी कच्चे तेल की कोई खेप नहीं भेजी गई है. इसके अलावा, जनवरी में भी रूस से ऐसी कोई डिलीवरी की उम्मीद नहीं है.'' कंपनी ने यह भी कहा, 'हमें इस बात का बेहद खेद है कि लोग फेयर जर्नलिज्म में सबसे आगे होने का दावा तो करते हैं, लेकिन उन्होंने RIL के जनवरी में डिलीवर होने वाले किसी भी रशियन ऑयल को खरीदने से इनका का जिक्र नहीं किया.
दरअसल, ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रूसी क्रूड ऑयल से भरे तीन जहाज रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी की ओर जा रहे हैं. गुजरात के जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स चलाने वाली रिलायंस का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रविवार को यह कहने के बाद आया कि अमेरिका रूसी तेल के आयात को लेकर भारत पर टैरिफ और बढ़ा सकता है. हालांकि, पिछले साल भारत में रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार रिलायंस ही रहा.
Statement by Reliance Industries Limited:
A news report in Bloomberg claiming “three vessels laden with Russian Oil are heading for Reliance Industries Limited’s Jamnagar refinery” is blatantly untrue.
Reliance Industries’s Jamnagar refinery has not getd any cargo of…
— Reliance Industries Limited (@RIL_Updates) January 5, 2026
ट्रंप ने दे डाली फिर धमकी
बता दें कि बीते सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूसी तेल मुद्दे पर सहयोग नहीं करने पर भारतीय सामानों के आयात पर टैरिफ और बढ़ सकता है. ट्रंप भारत के रूस से कच्चे तेल का आयात कराने की बात से खफा हैं. यही वजह है कि पिछले साल अगस्त के महीने में उन्होंने भारत पर टैरिफ को 25 परसेंट से बढ़ाकर सीधे 50 परसेंट कर दिया और अब इसे और बढ़ाने की बात कर रहे हैं.
ट्रंप का कहना है कि तेल के कारोबार से हो रही कमाई का इस्तेमान रूस यूक्रेन में जंग को बढ़ावा देने के लिए कर रहा है. साथ ही भारत भी डिस्काउंटेड रेट पर रूस से क्रूड ऑयल खरीदकर उसे दोबारा बेचकर मुनाफा कमा रहा है.
ग्लोबल कमोडिटी इंटेलिजेंस फर्म केपलर के मुताबिक, अमेरिका और यूरोनियन यूनियन्स के सख्त प्रतिबंधों के चलते भारत में रूसी तेल की सप्लाई में कमी आई है, जो दिसंबर में तीन साल के निचले स्तर पर लगभग 1.2 मिलियन बीपीडी तक गिर गया. यह जून के लगभग 2 मिलियन बीपीडी के हाई लेवल से लगभग 40 परसेंट तक की गिरावट है.
ये भी पढ़ें:
हर एक के बैंक अकाउंट में डाले जाएंगे 46715 रुपये! क्या वाकई में सरकार की तरफ से आएंगे पैसे?
