दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार उपराज्यपाल के अधिकारों को चुनौती देने वाली याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट से वापस लेगी. ये याचिकाएं पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने दाखिल की थीं. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के इस अनुरोध पर शुक्रवार (23 मई, 2025) को विचार की बात कही है.


गुरुवार को दिल्ली सरकार की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच में पेश हुईं. उन्होंने पिछली सरकार की तरफ से दाखिल 7 याचिकाओं को वापस लेने की अनुमति मांगी. उन्होंने कहा कि एलजी को यमुना सफाई कमेटी की अध्यक्षता देने समेत अलग-अलग मसलों पर दाखिल याचिकाएं अब सुप्रीम कोर्ट का समय नहीं लेंगी. दिल्ली सरकार सभी याचिकाओं को वापस लेना चाहती है.


दिल्ली सरकार के अनुरोध को देखते हुए कोर्ट ने शुक्रवार को सभी 7 याचिकाओं को सुनवाई के लिए लगाने का निर्देश दिया. ध्यान रहे कि अरविंद केजरीवाल और आतिशी के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी अधिकारों को लेकर लगातार उपराज्यपाल के साथ कानूनी लड़ाई लड़ती रही. अब यह मामले बंद हो सकते हैं.
 
दिल्ली में सरकार बदलने का असर कानूनी विवादों पर सबसे पहले इस साल 28 फरवरी को दिखा था. लंबे अरसे के बाद सत्ता पाने वाली बीजेपी की सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का विरोध करने वाली याचिका वापस ले ली थी. दिल्ली सरकार ने कहा था कि वह केंद्र सरकार की इस स्वास्थ्य योजना को लागू करने के पक्ष में है. इस बात को रिकॉर्ड पर लेते हुए कोर्ट ने दिल्ली सरकार को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी थी.


 


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